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एसआईआर और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर पूरा जोर

इंडिया गठबंधन की बैठक के बाद प्रेस कांफ्रेंस में हुए एलान

  • सीजेआई को पत्र लिखा जाएगा

  • वोट चोरी भी बहुत बड़ा मुद्दा है

  • शिक्षा मंत्री ने विश्वासघात किया

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः भारतीय राजनीति में विपक्षी दलों का इंडिया गठबंधन एक बार फिर सरकार को घेरने और अपने आंतरिक मतभेदों को सुलझाने के लिए चर्चा के केंद्र में है। विपक्षी गठबंधन ने चुनाव प्रक्रियाओं और हालिया प्रशासनिक निर्णयों पर गंभीर सवाल उठाते हुए एक बड़ा कदम उठाने का फैसला किया है।

गठबंधन की ओर से दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, वे विशेष गहन समीक्षा की प्रक्रिया और चुनावों के दौरान कथित तौर पर हुई वोट लूट के मामले को लेकर बेहद चिंतित हैं। इन चिंताओं को आधिकारिक रूप से दर्ज कराने और निष्पक्षता की मांग करने के लिए इंडिया गठबंधन जल्द ही भारत के मुख्य न्यायाधीश को एक विस्तृत पत्र लिखने जा रहा है, जिसमें संवैधानिक संस्थाओं की शुचिता बनाए रखने की अपील की जाएगी।

इस राजनीतिक हलचल के बीच, देश के युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर विपक्ष ने सरकार के खिलाफ अपने तेवर बेहद कड़े कर लिए हैं। विपक्षी दलों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की पुरजोर मांग की है। विपक्ष का सीधा आरोप है कि शिक्षा मंत्री के कार्यकाल के दौरान नीट और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड जैसी अत्यंत महत्वपूर्ण परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां और धांधलियां सामने आई हैं। गठबंधन के नेताओं का कहना है कि उन्होंने देश के उन लाखों होनहार युवाओं के भविष्य और भरोसे के साथ हुए विश्वासघात की अध्यक्षता की है, जिन्होंने दिन-रात मेहनत कर इन परीक्षाओं की तैयारी की थी। इसके साथ ही, देश की वित्तीय स्थिति पर गहरी चिंता जताते हुए विपक्षी गुट ने केंद्र सरकार से मांग की है कि वर्तमान में देश के सामने खड़ी गंभीर आर्थिक स्थिति और महंगाई जैसे मुद्दों पर व्यापक विमर्श के लिए तत्काल एक सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए।

एक तरफ जहाँ गठबंधन राष्ट्रीय स्तर पर एकजुट होकर केंद्र को घेर रहा है, वहीं इसके भीतर की आंतरिक खींचतान और अंतर्विरोध भी खुलकर सामने आने लगे हैं। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने, हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी की हार के बाद, गठबंधन के मंच पर अपने तीखे तेवर दिखाए। उन्होंने बेहद आक्रामक अंदाज़ में अपने इन आरोपों का पूरा विवरण पेश किया कि राज्य में जनता के वास्तविक जनादेश को चुराया गया है। इसके साथ ही उन्होंने चुनाव के बाद भड़की राजनीतिक हिंसा के मुद्दों पर भी खुलकर अपनी बात रखी।

दूसरी तरफ, कांग्रेस पार्टी को भी अपने सहयोगियों के तीखे सवालों का सामना करना पड़ रहा है। वामपंथी नेताओं ने केरल में पिनाराई विजयन के नेतृत्व वाली वामपंथी सरकार के खिलाफ कांग्रेस द्वारा चलाए जा रहे आक्रामक अभियान की कड़े शब्दों में निंदा की।

इन तमाम राजनैतिक चर्चाओं के बीच, हाल ही में दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के बैनर तले युवाओं द्वारा किया गया एक अनोखा और तीखा विरोध प्रदर्शन भी विपक्षी बैठक में विमर्श का विषय बना। गठबंधन के कई वरिष्ठ नेताओं ने इस जन-आंदोलन का विशेष रूप से उल्लेख किया।