Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
इबोला का प्रकोप दक्षिण सूडान तक फैलने की आशंका प्रारंभिक अनुमान से कहीं बहुत ज्यादा है भूकंप का नुकसान कीर स्टारमर के अचानक इस्तीफा के बाद अगले पीएम की चर्चा उत्तर कोरिया की सैन्य शक्ति विस्तार से परेशान दक्षिण कोरिया यूरोप की भीषण गर्मी से एशियाई एसी निर्माताओं की चांदी Sharmistha Mukherjee on PM Modi: 'आप मोदी से नफरत या प्यार करें, लेकिन ब्रांड मोदी को नजरअंदाज नहीं ... Ketan Agarwal Murder Case: पुणे हत्याकांड में 'राजस्थान कनेक्शन'; आरोपी चेतन चौधरी का कौन है सिया गो... RCP Singh-Nitish Kumar Meeting: क्या जेडीयू में होगी आरसीपी सिंह की वापसी? नीतीश कुमार से मुलाकात के... Sandeep Singh Murder Case: लखनऊ एनकाउंटर में कुख्यात शूटर संजय का खात्मा; 5 लाख की सुपारी लेकर की थी... Haveri Wedding News: सगाई में दिए गहने निकले नकली, रोल्ड गोल्ड का पता चलते ही टूटी शादी; जानें पूरा ...

US Iran Conflict: अमेरिका ने मार गिराए ईरान के 4 लड़ाकू ड्रोन; जवाबी गुस्से में कुवैत-बहरीन पर दागीं दर्जनों मिसाइलें

अमेरिका और ईरान के बीच मध्य पूर्व (Middle East) में तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है. अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने आधिकारिक दावा किया है कि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) की ओर चार बेहद खतरनाक और आत्मघाती हमलावर ड्रोन भेजे थे. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अमेरिकी सेना ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन सभी चारों ईरानी ड्रोन को हवा में ही मार गिराया. इस सैन्य टकराव के तुरंत बाद अमेरिकी वायुसेना ने ईरान के दो प्रमुख तटीय रडार ठिकानों पर भी जोरदार हवाई हमला कर उन्हें नेस्तनाबूद कर दिया. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस संबंध में बताया कि ये चारों ड्रोन युद्धक हथियारों से लैस थे और होर्मुज स्ट्रेट की ओर तेजी से बढ़ रहे थे, जो अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में वाणिज्यिक जहाजों (Commercial Ships) की सुरक्षित आवाजाही के लिए एक बड़ा और तत्काल खतरा बन सकते थे.

🚀 ईरान के गोरुक और केश्म द्वीप पर भारी बमबारी: गुस्से में ईरान ने कुवैत और बहरीन पर दागीं एक दर्जन से अधिक मिसाइलें

अमेरिकी सैन्य कमांडरों के मुताबिक, इन ड्रोन्स से समुद्री यातायात को तत्काल सुरक्षा खतरा था, इसलिए राष्ट्रीय सुरक्षा के तहत उन्हें रास्ते में ही हवा में नष्ट कर दिया गया. ड्रोन गिराए जाने के ठीक बाद अमेरिकी नौसेना और वायुसेना ने संयुक्त एक्शन लेते हुए ईरान के गोरुक और केश्म द्वीप (Qeshm Island) पर मौजूद तटीय निगरानी रडार सेंटर्स (Coastal Surveillance Radar Centers) को निशाना बनाया, जिनका इस्तेमाल अमेरिकी जहाजों की ट्रैकिंग के लिए किया जा रहा था. इस अमेरिकी सैन्य कार्रवाई से पूरी तरह तिलमिलाए ईरान ने कड़ा पलटवार करते हुए मध्य पूर्व के अमेरिकी सहयोगियों—कुवैत और बहरीन पर ताबड़तोड़ मिसाइल हमले शुरू कर दिए हैं. ताजा रिपोर्टों के अनुसार, कुवैत और बहरीन के सैन्य और रिहायशी ठिकानों पर ईरान की ओर से एक दर्जन से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गई हैं. इस अचानक हुए हमले के बाद कुवैत और बहरीन की सेनाओं ने हाई अलर्ट घोषित कर अपने नागरिकों को घरों से बाहर नहीं निकलने और बंकरों में शरण लेने की सख्त हिदायत दी है.

📢 अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने जारी किया आधिकारिक बयान: ‘ईरान की हर आक्रामक कार्रवाई का जवाब देने के लिए तैयार’

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर एक बेहद कड़ा और आधिकारिक सैन्य बयान जारी किया है. सेंटकॉम ने कहा, “अमेरिकी सैन्य बलों ने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र की रक्षा करते हुए चार ईरानी वन-वे अटैक ड्रोन (One-Way Attack Drones) को सफलतापूर्वक मार गिराया है, क्योंकि वे क्षेत्रीय समुद्री यातायात और अमेरिकी संपत्तियों के लिए गंभीर खतरा बन रहे थे.” बयान में आगे कहा गया कि क्षेत्र में भविष्य के संभावित हवाई हमलों को रोकने और ईरानी निगरानी तंत्र को पंगु बनाने के लिए ही उनके तटीय रडार ठिकानों पर यह सर्जिकल कार्रवाई की गई है. अमेरिकी सेना ने यह भी साफ कर दिया है कि वह मध्य पूर्व में ईरान या उसके समर्थित प्रॉक्सी संगठनों की किसी भी आक्रामक कार्रवाई का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह सक्षम है और उसके सैनिक खाड़ी क्षेत्र में ‘वॉर मोड’ में सतर्क हैं.

🔥 ईरानी मीडिया ने भी दी समुद्र में भारी फायरिंग की जानकारी: अमेरिकी नौसेना की नई तैनाती से भड़का इस्लामिक देश

दूसरी ओर, ईरान की सरकारी और अर्ध-सरकारी मीडिया ने भी होर्मुज स्ट्रेट के आसपास अपनी भारी सैन्य गतिविधियों की पुष्टि की है. ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी ‘मेहर’ (Mehr News) की रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार को ईरानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के बलों ने इस रणनीतिक जलमार्ग के पास समुद्र में कई दौर की चेतावनी फायरिंग (Warning Shots) की है. ईरानी अधिकारियों की रिपोर्ट में कहा गया है कि यह सैन्य कार्रवाई इस इलाके में अमेरिकी नौसेना के युद्धपोतों की अवांछित गतिविधियों और उनके परमाणु जहाजों की नई तैनाती के सीधे जवाब में की गई है. यह ताजा और हिंसक घटनाक्रम साफ दिखाता है कि अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौते और खाड़ी विवाद को लेकर चल रहा तनाव अभी खत्म नहीं हुआ है, बल्कि एक नए युद्ध में तब्दील हो सकता है. हालांकि पर्दे के पीछे दोनों देशों के बीच अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक कोशिशें जारी हैं, लेकिन खाड़ी क्षेत्र (Gulf Region) में हालात इस समय बारूद के ढेर पर बैठे हैं.