Chhattisgarh Environment Day: बस्तर और MCB जिले में पर्यावरण दिवस की धूम; ग्राम सभाओं ने लिया जंगलों की रक्षा का संकल्प
विश्व पर्यावरण दिवस के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ के कई जिलों में पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन और पब्लिक सेफ्टी को लेकर विभिन्न जन-जागरूकता कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया. बस्तर जिले के सुदूर गुमलवाड़ा गांव में जहां जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें जल, जंगल और जमीन की रक्षा के साथ-साथ ग्राम सभाओं के सशक्तिकरण का संदेश पूरे बस्तर अंचल में गूंजा. वहीं दूसरी ओर, नवगठित एमसीबी (MCB) जिले में छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (CAF) की 18वीं बटालियन ने चैनपुर परिसर में पर्यावरण संरक्षण, आपदा प्रबंधन (Disaster Management) और अग्नि सुरक्षा जागरूकता को लेकर एक बेहद सराहनीय और व्यावहारिक कार्यक्रम आयोजित किया.
🌳 ‘आम्चो जंगल आम्चो अधिकार’: बस्तर की 20 ग्राम सभाओं के प्रतिनिधियों ने लिया प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा का सामूहिक संकल्प
ग्राम सभा गुमलवाड़ा और जिला ग्राम सभा संघ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस जिला स्तरीय ऐतिहासिक कार्यक्रम में बस्तर जिले की 20 से अधिक सक्रिय ग्राम सभाओं के सैकड़ों आदिवासी प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. इस दौरान पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ जंगलों की रक्षा और स्थानीय प्राकृतिक संसाधनों के वैज्ञानिक संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया गया. ‘आम्चो जंगल आम्चो अधिकार’ अभियान के तहत आयोजित इस विशेष कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्थानीय ग्राम सभाओं को पर्यावरण संतुलन, वैश्विक जलवायु परिवर्तन के खतरों और सामुदायिक वन प्रबंधन के प्रति जागरूक करना था, साथ ही उन्हें उनके पेसा (PESA) कानून और संवैधानिक अधिकारों की विस्तृत जानकारी देना भी था ताकि वनों की कटाई रोकी जा सके.
🔥 घरेलू गैस और शॉर्ट सर्किट की आग पर कैसे पाएं काबू? 18वीं बटालियन के जवानों ने चैनपुर में दिया लाइव डेमोंस्ट्रेशन
सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के मोर्चे पर एमसीबी जिले के चैनपुर परिसर में 18वीं बटालियन छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल द्वारा आयोजित कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र रहा. यहाँ अग्निशमन (Fire Brigade) एवं राज्य आपदा बचाव दल के विशेषज्ञों ने नागरिक सुरक्षा के लिए कई लाइव डेमोंस्ट्रेशन (जीवंत प्रदर्शन) पेश किए. इस दौरान बल के जाबांज जवानों ने घरेलू रसोई गैस सिलेंडर में अचानक आग लगने की स्थिति में बिना घबराए उस पर त्वरित नियंत्रण पाने, विद्युत शॉर्ट सर्किट (Electric Short Circuit) से लगी आग को आधुनिक उपकरणों से बुझाने की उन्नत तकनीक और बहुमंजिला व आवासीय भवनों में भीषण आग लगने की स्थिति में फंसे हुए लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू (राहत एवं बचाव कार्य) करने का सजीव प्रदर्शन किया.
🧯 घबराने के बजाय प्राथमिक अग्निशमन यंत्रों का करें सही उपयोग: समापन पर अधिकारियों और नागरिकों ने लिया जागरूकता का संकल्प
प्रदर्शन के दौरान अग्निशमन दल के तकनीकी विशेषज्ञों ने उपस्थित नागरिकों और जवानों को संबोधित करते हुए बताया कि किसी भी आकस्मिक आगजनी की घटना में घबराने या भगदड़ मचाने के बजाय तुरंत आपातकालीन नंबरों पर इसकी सूचना देना सबसे पहला कदम होना चाहिए. इसके बाद इमारतों में स्थापित प्राथमिक अग्निशमन यंत्रों (Fire Extinguishers) का सही उपयोग करना और आपातकालीन निकास द्वारों से सुरक्षित सुरक्षित निकासी की प्रक्रिया अपनाना बेहद आवश्यक है. कार्यक्रम के गरिमामयी समापन पर वहां मौजूद सभी प्रशासनिक अधिकारियों, सशस्त्र बल के जवानों एवं प्रबुद्ध नागरिकों ने जीवनभर पर्यावरण संरक्षण करने, अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन करने और समाज में इस गंभीर विषय के प्रति निरंतर जनजागरूकता फैलाने का सामूहिक संकल्प लिया.