Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Bhind Crime News: भिंड में दूल्हा बनने से पहले गिरफ्तार हुआ 37 लाख की चोरी का इनामी आरोपी बलदेव गोले Supreme Court AI Draft 2026: अदालतों में AI के इस्तेमाल के लिए सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया ड्राफ्ट; 2... TMC Crisis 2026: ममता बनर्जी की TMC में सबसे बड़ी बगावत; 58 विधायकों के साथ ऋतब्रत बनर्जी ने ठोका 'अ... Ghaziabad Hotel Death: गाजियाबाद के 'अंश होटल' में फंदे से लटकी मिली युवती की लाश; प्रेमी को पुलिस न... Lords Test: 27 महीने बाद लौटे ऑली रोबिन्सन का महा-कमबैक; पहले ही ओवर में 3 विकेट लेकर मचाया तहलका Karuppu Box Office Collection: 300 करोड़ के क्लब से चंद कदम दूर सूर्या की 'करुप्पु'; अकेले तमिलनाडु ... Russia-Ukraine War: जेलेंस्की ने पुतिन को लिखा खुला पत्र, 'बहुत हुआ युद्ध, स्विट्जरलैंड या तुर्किये ... RBI MPC Meeting 2026: आरबीआई ने घटाया GDP ग्रोथ का अनुमान, FY27 में 6.9% की जगह 6.6% की रफ्तार से बढ... ASUS WiFi 8 Router: आसुस ने लॉन्च किया दुनिया का पहला Wi-Fi 8 राउटर; मिलेगी 30Gbps की सुपरफास्ट स्पी... Adhik Maas Kala Ashtami 2026: 3 साल बाद आया अधिक मास कालाष्टमी का महासंयोग; 8 जून को भूलकर भी न करें...

Delhi Hotel Fire: बर्मिंघम से लिवर ट्रांसप्लांट कराने दिल्ली आया था परिवार, मालवीय नगर हादसे में मरीज, डोनर और अटेंडेंट तीनों जिंदा जले

दिल्ली के मालवीय नगर में हुआ भीषण अग्निकांड सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि ‘सब चलता है’ वाली प्रशासनिक लापरवाही का वो खौफनाक नतीजा है जिसने कई हंसते-खेलते परिवारों को हमेशा के लिए तबाह कर दिया. इस आग ने बर्मिंघम (ब्रिटेन) से भारत आए एक विदेशी एनआरआई परिवार को ऐसे गहरे जख्म दिए हैं, जिसे शायद ही कभी भरा जा सकेगा. बर्मिंघम का यह परिवार नई जिंदगी की उम्मीद लेकर साकेत के मैक्स हॉस्पिटल पहुंचा था. परिवार के एक सदस्य का लिवर पूरी तरह फेल हो चुका था और लंबे इलाज के बाद डॉक्टरों ने जान बचाने का एकमात्र विकल्प लिवर ट्रांसप्लांट (Liver Transplant) बताया था. इस जिंदगी की जंग को जीतने के लिए मरीज के साथ उसका डोनर (अंगदाता) और देखभाल के लिए एक अटेंडेंट (रिश्तेदार) भी पूरे भरोसे के साथ भारत आए थे.

🏥 अस्पताल में एडमिट होने से ठीक पहले हुआ भयानक हादसा, दुआओं वाले घर में अब सिर्फ चीखें

मैक्स अस्पताल में डोनर की सभी आवश्यक चिकित्सा जांचें पूरी हो चुकी थीं, ब्लड ग्रुप पूरी तरह मैच हो गया था और सर्जरी के लिए जरूरी फिटनेस सर्टिफिकेट भी मिल चुका था. लिवर ट्रांसप्लांट की इस बड़ी सर्जरी के लिए मरीज को गुरुवार को अस्पताल में एडमिट होना था, लेकिन किस्मत को कुछ और ही क्रूर मंजूर था. ठीक एक दिन पहले यानी बुधवार को मालवीय नगर के ‘होटल फ्लरिश स्टे’ में अचानक भीषण आग लग गई. इस अग्निकांड में मरीज, उसे नया जीवन देने आया डोनर और उनकी चौबीसों घंटे देखभाल में जुटा अटेंडेंट, तीनों कमरे में घिरे होने के कारण जिंदा जल गए. जिस परिवार में सर्जरी की सफलता को लेकर दुआएं मांगी जा रही थीं, वहां अब सिर्फ चीखें और मातम बचा है. तीनों के शवों को पहचान के बाद दिल्ली के एम्स (AIIMS) की मोर्चरी में रखा गया है.

🏢 6 कमरों की अनुमति पर बना दिए थे 25 अवैध कमरे, मालिक लवकेश बजाज पुलिस की गिरफ्त में

इस दर्दनाक और शर्मनाक हादसे के पीछे होटल मालिक लवकेश बजाज और हमारे सिस्टम की वो घटिया सोच है, जो चंद पैसों और मुनाफे के लिए इंसानी जानों से खिलवाड़ करती है. पुलिस की गिरफ्त में आए मुख्य आरोपी लवकेश ने कुबूल किया है कि उसके पास सरकारी नियमों के तहत ‘बेड एंड ब्रेकफास्ट’ (B&B) पॉलिसी के तहत सिर्फ 6 कमरे चलाने का ही कानूनी लाइसेंस था. लेकिन किसी करीबी की इस सलाह पर कि ‘दिल्ली में सब चलता है, बस पैसे खिलाओ’, उसने नियमों को पूरी तरह ताक पर रखकर इमारत में 25 अवैध कमरे बना दिए. इस जानलेवा अवैध निर्माण पर स्थानीय प्रशासन और दिल्ली नगर निगम (MCD) ने भी सालों तक अपनी आंखें मूंदे रखीं, जिसका खौफनाक खामियाजा इस विदेशी परिवार सहित 21 मासूमों को अपनी जान देकर चुकाना पड़ा है.