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Haryana Pashupalan: पशुओं को बीमारियों से बचाने के लिए हरियाणा सरकार का महा-टीकाकरण अभियान, 55 लाख डोज का लक्ष्य

हरियाणा के किसानों और पशुपालकों की आर्थिक रीढ़ कहे जाने वाले पशुधन को सुरक्षित रखने के लिए राज्य सरकार ने कमर कस ली है। पशुपालन विभाग द्वारा पूरे प्रदेश में गलघोंटू और मुंहपका-खुरपका (FMD) जैसी जानलेवा व संक्रामक बीमारियों के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत विभाग की विशेष टीमें गांव-गांव और घर-घर जाकर पशुओं का मुफ्त टीकाकरण कर रही हैं ताकि पशुधन को सुरक्षित रखा जा सके।

📱 भारत पशुधन पोर्टल: आधुनिक तकनीक से लैस हुआ अभियान

यह महा-टीकाकरण अभियान 11 मई से शुरू हुआ था, जो आगामी 11 जून तक सक्रिय रहेगा। इस बार पूरे अभियान को आधुनिक तकनीक से जोड़ा गया है, जो इसकी पारदर्शिता को बढ़ाता है। सभी टीकों का पूरा रिकॉर्ड ‘भारत पशुधन पोर्टल’ के माध्यम से ऑनलाइन दर्ज किया जा रहा है, जिससे किसी भी तरह की धांधली या लापरवाही की गुंजाइश न रहे और हर पशु तक इस योजना का लाभ पहुंच सके।

🎯 55 लाख डोज का लक्ष्य: छूट गए पशुओं को मिलेगा दोबारा मौका

विभाग ने इस चरण के दौरान राज्यभर में कुल 55 लाख डोज लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। यदि कोई पशुपालक किसी कारणवश इस अवधि में अपने पशु को टीका नहीं लगवा पाता है, तो उन्हें चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। इस चरण के समाप्त होने के ठीक डेढ़ महीने बाद वंचित रह गए पशुओं के लिए दोबारा विशेष सत्र शुरू किया जाएगा, जिससे शत-प्रतिशत पशुओं का कवरेज सुनिश्चित हो सके।

🛡️ चेयरमैन धर्मबीर मिर्जापुर की अपील: पशुओं को जरूर लगवाएं सुरक्षा कवच

हरियाणा पशुधन विकास बोर्ड के चेयरमैन धर्मबीर मिर्जापुर ने पशुपालकों से इस राष्ट्रीय अभियान का हिस्सा बनने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा, “यह टीका पशुओं को गंभीर बीमारियों से बचाता है, जिससे उनका स्वास्थ्य ठीक रहता है और दूध उत्पादन प्रभावित नहीं होता। मेरी सभी प्रदेशवासियों से अपील है कि वे अपनी देहरी पर आने वाली पशुपालन विभाग की टीमों का सहयोग करें और अपने गऊधन व भैंसधन को सुरक्षा कवच (टीका) जरूर लगवाएं।”