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मुख्यमंत्री विजय ने सीमांत किसानों के ऋण माफ किये

तमिलनाडु में सत्ता परिवर्तन का पहला अच्छा परिणाम निकला

  • चुनाव प्रचार के दौरान यह वादा किया था

  • पचास हजार तक के ऐसे ऋण माफ हुए

  • खेती के अगले मौसम में इसका लाभ

राष्ट्रीय खबर

चेन्नई: तमिलनाडु के प्रशासनिक गलियारों से कृषि जगत के लिए एक बेहद राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने सोमवार को एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद राज्य के अन्नदाताओं के लिए एक बड़े वित्तीय पैकेज और संपूर्ण फसली ऋण माफी की ऐतिहासिक घोषणा की।

इस नए नीतिगत निर्णय के तहत, तमिलनाडु सरकार ने राज्य भर के सीमांत किसानों द्वारा सहकारी बैंकों से लिए गए 50,000 रुपये तक के फसली ऋण को पूरी तरह से माफ करने का आदेश जारी किया है। इसके साथ ही, कृषि क्षेत्र को व्यापक संबल देने के उद्देश्य से बड़े पैमाने पर खेती करने वाले अन्य बड़े किसानों के लिए भी 5,000 तक के फसली ऋण को माफ करने का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, सरकार के इस कल्याणकारी कदम से सीधे तौर पर राज्य के करीब 14.22 लाख किसान परिवारों को सीधा लाभ पहुंचेगा। हालांकि, इस जनकल्याणकारी घोषणा के कारण राज्य के राजकोष और सरकारी खजाने पर 2,044 करोड़ रुपये का भारी अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा, जिसे राज्य सरकार स्वयं वहन करेगी।

उल्लेखनीय है कि ग्रामीण और कृषि प्रधान क्षेत्रों में कर्ज के संकट से जूझ रहे किसानों को राहत देना, तमिलगा वेट्री कझगम के प्रमुख और मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के मुख्य राजनीतिक एजेंडे में शामिल रहा था। पिछले दिनों 23 अप्रैल को संपन्न हुए विधानसभा चुनावों के सघन प्रचार अभियान के दौरान टीवीके प्रमुख ने राज्य की जनता और विशेषकर किसान संगठनों से यह वादा किया था कि उनकी सरकार बनते ही सहकारी ऋणों के बोझ को कम किया जाएगा। सोमवार को लिया गया यह निर्णय उसी चुनावी घोषणापत्र के क्रियान्वयन की दिशा में एक त्वरित और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

राज्य सरकार द्वारा जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, यह निर्णय बेहद पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। यद्यपि राज्य सरकार वर्तमान में सीमित वित्तीय संसाधनों और कठिन आर्थिक परिस्थितियों के दौर से गुजर रही है, फिर भी किसानों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए मुख्यमंत्री ने यह संवेदनशील फैसला लिया है। इसके तहत सहकारी बैंकों के माध्यम से 1 मई, 2025 से लेकर 28 फरवरी, 2026 की अवधि के बीच लिए गए सभी पात्र फसली ऋणों को तत्काल प्रभाव से माफ करने की प्रशासनिक स्वीकृति दे दी गई है।

इस ऋण माफी का सबसे सकारात्मक प्रभाव आने वाले बुवाई और खेती के सीजन पर देखने को मिलेगा। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के हवाले से आधिकारिक बयान में कहा गया है कि इस निर्णय के बाद जो किसान पूर्व में लिए गए कर्ज के कारण डिफॉल्टर होने की कगार पर थे या नया ऋण लेने में असमर्थ महसूस कर रहे थे, वे अब बिना किसी मानसिक और आर्थिक दबाव के आगामी खेती के सीजन के लिए सहकारी बैंकों से नए सिरे से ऋण प्राप्त कर सकेंगे। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नकदी का प्रवाह बढ़ेगा और कृषि उत्पादन को भी गति मिलेगी।