Haryana Weather Update: हरियाणा के सिरसा और झज्जर में आंधी के साथ झमाझम बारिश; भीषण गर्मी के बीच मिली बड़ी राहत
चंडीगढ़/रोहतक: समूचे हरियाणा में जारी रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और तपती धूप के बीच आज सुबह प्रदेश के कुछ जिलों से राहत की बड़ी खबर सामने आई है। लंबे समय से भीषण लू झेल रहे सिरसा के डबवाली क्षेत्र और झज्जर जिले के कई ग्रामीण इलाकों में अचानक आसमान में काले बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। बारिश होने से इन क्षेत्रों के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है और स्थानीय लोगों को चिलचिलाती गर्मी से कुछ समय के लिए बड़ी राहत मिली है। इसके अलावा प्रदेश के कई अन्य उत्तरी जिलों में भी बादल छाए हुए हैं, जिससे धूप का असर कम हुआ है। आंकड़ों के मुताबिक, बीते दिन प्रदेश के औसत अधिकतम तापमान में 1.1 डिग्री सेल्सियस की मामूली गिरावट जरूर दर्ज की गई थी, लेकिन इसके बावजूद राज्य का वर्तमान तापमान सामान्य से 2.2 डिग्री सेल्सियस अधिक बना हुआ है।
☀️ रोहतक रहा प्रदेश का सबसे गर्म शहर, पारा 45.3 डिग्री पार: अगले 4 दिनों तक कई जिलों में जारी रहेगा ‘लू’ का प्रकोप
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, भले ही कुछ हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियों के कारण बूंदाबांदी हुई है, लेकिन प्रदेश से अभी गर्मी का संकट टला नहीं है। मौसम केंद्र के मुताबिक, अगले 4 दिनों तक हरियाणा के अधिकांश जिलों में तीव्र लू (Heatwave) और झुलसाने वाली तेज गर्म हवाओं (थपेड़ों) का दौर लगातार बना रहेगा। बीते शुक्रवार को रोहतक जिला समूचे हरियाणा में सबसे गर्म शहर रिकॉर्ड किया गया, जहां दिन का अधिकतम तापमान 45.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। शुक्रवार को प्रदेश के लगभग सभी मैदानी इलाकों में भीषण लू चली, जिसका सबसे ज्यादा और जानलेवा असर सिरसा, हिसार, भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़, गुरुग्राम और रेवाड़ी जिलों में देखने को मिला, जहां दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा।
💨 27 मई तक मौसम रहेगा पूरी तरह शुष्क: 28 मई को फिर होगी बूंदाबांदी, 30 KM की रफ्तार से चलेंगी तेज हवाएं
मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, हरियाणा में आज से लेकर आगामी 27 मई तक मौसम मुख्य रूप से शुष्क और बेहद गर्म बना रहेगा। इस शुष्क अवधि के दौरान मैदानी इलाकों में दोपहर के वक्त 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से धूलभरी और तेज गर्म हवाएं चलने की प्रबल संभावना जताई गई है, जो लू के असर को और ज्यादा बढ़ाएंगी।
हालांकि, राहत की बात यह है कि पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के आंशिक प्रभाव के कारण आगामी 28 मई को प्रदेश के कुछ अन्य स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की बूंदाबांदी और हवाओं के रुख में बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी है कि वे मौसम के इस उतार-चढ़ाव को देखते हुए ही अपनी फसलों की सिंचाई और कटाई का प्रबंधन करें।