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Dhanbad Sumit Murder Case: धनबाद के चर्चित सुमित हत्याकांड में कोर्ट का बड़ा फैसला; दो दोषियों को उम्रकैद की सजा

धनबाद: झारखंड के कोयलांचल धनबाद की एक स्थानीय अदालत ने कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और अपराधियों को कड़ा संदेश देने के उद्देश्य से एक बेहद चर्चित हत्याकांड में अपना अंतिम फैसला सुना दिया है। अदालत ने जिले के बहुचर्चित सुमित कुमार हत्याकांड (Sumit Kumar Murder Case) की सघन सुनवाई पूरी करते हुए दो मुख्य दोषियों को आजीवन कारावास (उम्रकैद) की कड़ी सजा सुनाई है। धनबाद कोर्ट के एडीजे-16 (ADJ-16) दुर्गेश चंद्र अवस्थी की अदालत ने मामले से जुड़े तमाम साक्ष्यों को सही पाते हुए आरोपी पंचेत कुमार और टुनटुन कुमार उर्फ रिंकू मंडल को हत्या का मुख्य दोषी करार दिया। गौरतलब है कि इस जघन्य हत्याकांड में शामिल एक अन्य नाबालिग (जुवेनाइल) आरोपी को बाल अदालत द्वारा पहले ही उसके कृत्य के लिए कानूनन दंडित किया जा चुका है।

📱 फरवरी 2021 में फोन कर घर से बुलाया गया था सुमित: पहले भी आरोपियों ने पिता-पुत्र को दी थी जान से मारने की धमकी

इस पूरे मामले के कानूनी पहलुओं की जानकारी देते हुए सहायक लोक अभियोजक (APP) सत्यम कुमार राय ने बताया कि इस खौफनाक वारदात की शुरुआत 15 फरवरी 2021 को हुई थी। इस तारीख को धनसार थाना (Dhansar Police Station) क्षेत्र से सुमित कुमार अचानक लापता हो गया था, जिसके बाद उसके चिंतित पिता ने थाने में सुमित की गुमशुदगी को लेकर एक आधिकारिक सन्हा दर्ज कराया था। इसके अगले ही दिन 16 फरवरी को सुमित के पिता को मुहल्ले के लोगों से एक बेहद जरूरी सूचना मिली कि उनके पड़ोस में रहने वाले टुनटुन कुमार उर्फ रिंकू मंडल, पंचेत कुमार, मनीष कुमार और उनके कुछ अन्य साथी मोबाइल फोन पर लगातार कॉल कर सुमित को बहला-फुसलाकर अपने साथ घर से बुलाकर ले गए थे। इसके बाद से ही सुमित का मोबाइल बंद आ रहा था और वह लापता था। परिजनों ने पुलिस को यह भी बताया था कि इस घटना से कुछ दिनों पहले आरोपियों द्वारा पुरानी रंजिश के चलते पिता और पुत्र दोनों को ही जान से मारने की खुली धमकी भी दी गई थी।

🔍 आरोपियों की निशानदेही पर विश्वकर्मा प्रोजेक्ट से बरामद हुआ था शव: फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने तय किया दोष

सन्हा दर्ज होने के बाद धनसार थाना पुलिस ने जब मामले को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी जांच शुरू की और कुछ मुख्य संदिग्धों को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तब आरोपियों का हौसला टूट गया और उन्होंने सुमित की हत्या करने की बात स्वीकार की। पुलिस टीम ने आरोपियों की ही लाइव निशानदेही पर स्थानीय विश्वकर्मा प्रोजेक्ट (Vishwakarma Project Area) के सुनसान इलाके से सुमित कुमार का क्षत-विक्षत शव बरामद किया था। शव मिलने के बाद पूरे इलाके में भारी सनसनी फैल गई थी और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर लोगों ने प्रदर्शन भी किया था।

पुलिस की जांच टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले की तफ्तीश पूरी की और सभी वैज्ञानिक सबूतों के साथ आरोपियों के खिलाफ सक्षम न्यायालय में मजबूत आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया था। मामले की अंतिम सुनवाई एडीजे-16 की अदालत में चली, जहां लंबे ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल दस महत्वपूर्ण गवाहों की गवाही दर्ज कराई गई। इसके साथ ही, स्टेट फॉरेंसिक लैब (FSL) की टीम ने भी वैज्ञानिक और डिजिटल साक्ष्य अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए। अदालत ने दोनों पक्षों की अंतिम दलीलें सुनने और रिकॉर्ड पर मौजूद पुख्ता सबूतों के आधार पर पंचेत कुमार और टुनटुन कुमार को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा मुकर्रर की। इस फैसले के बाद मृतक सुमित कुमार के रोते हुए परिजनों ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें देश की न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था और आखिरकार उनकी आत्मा को शांति मिली है।