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Bathinda Weather Alert: बठिंडा में गर्मी का भयंकर रूप, पारा 47 डिग्री पार; तपती धूप से पिघलने लगी सड़कों की तारकोल

बठिंडा: पंजाब के मालवा क्षेत्र सहित बठिंडा जिले में इस समय सूर्य देव ने अपना सबसे भयावह और रौद्र रूप धारण कर लिया है। आसमान से बरसती तपती धूप, आग के गोलों जैसी झुलसाने वाली गर्म हवाएं और लगातार रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ता तापमान यहाँ के आम जनजीवन को पूरी तरह से प्रभावित कर रहा है। पिछले एक सप्ताह से शहर का अधिकतम पारा 46 से 47 डिग्री सेल्सियस के बीच लगातार बना हुआ है, जिसके चलते बठिंडा इस समय पूरे पंजाब के सबसे गर्म शहरों की सूची में शीर्ष पर शामिल हो गया है। हीटवेव (Heat Wave) और गर्म लू के इस भीषण डबल अटैक ने लोगों के लिए दिन के समय अपने घरों या दफ्तरों से बाहर निकलना भी पूरी तरह से नामुमकिन कर दिया है।

☀️ दोपहर में भट्टी की तरह तप रहीं बठिंडा की सड़कें: बाजारों से रौनक गायब, चिलचिलाती धूप से पिघलने लगी तारकोल

हालात इस कदर बदतर हो चुके हैं कि दोपहर 12 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक शहर की मुख्य सड़कें और चौराहे पूरी तरह से सुनसान दिखाई दे रहे हैं, मानो अघोषित कर्फ्यू लग गया हो। शहर के प्रमुख व्यापारिक बाजारों की रौनक पूरी तरह से गायब हो चुकी है और लोग बिना किसी बेहद जरूरी आपातकालीन काम के घरों से बाहर कदम नहीं रख रहे हैं। संकट का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कड़कती धूप के कारण बठिंडा की मुख्य सड़कों पर बिछी तारकोल (कोलतार) तक पिघलने लगी है। सूरज की सीधी पड़ती पराबैंगनी किरणें और गर्म हवाओं के थपेड़े राहगीरों की त्वचा और शरीर को झुलसा रहे हैं, जिससे लोग बीमार पड़ रहे हैं।

🥤 चिलचिलाती धूप से बचने के लिए लस्सी-जूस का सहारा: राहगीरों को राहत देने के लिए सामाजिक संस्थाओं ने लगाई ठंडे पानी की छबीलें

इस ऐतिहासिक और जानलेवा गर्मी से बचने के लिए बठिंडा के स्थानीय नागरिक तरह-तरह के जतन और उपाय कर रहे हैं। कोई हाइड्रेटेड रहने के लिए ठंडे पानी, गन्ने के जूस, शिकंजी और पंजाब की पारंपरिक ठंडी लस्सी का सहारा ले रहा है, तो कोई मजबूरी में बाहर निकलने पर अपने सिर, चेहरे और पूरे शरीर को सूती कपड़े से ढककर निकल रहा है। इस संकट काल में मानव सेवा के लिए शहर की कई प्रमुख सामाजिक और धार्मिक संस्थाएं आगे आई हैं। इन संस्थाओं द्वारा शहर के मुख्य चौकों पर बर्फ के ठंडे और मीठे पानी की छबीलें (Sabeel) लगाकर तपती धूप में सफर करने वाले राहगीरों और राह चलती जनता को थोड़ी राहत पहुंचाने की पुरजोर कोशिश की जा रही है।

🗳️ भीषण प्रकृति की मार से नगर निगम चुनाव का प्रचार पड़ा धीमा: 15 दिनों का समय उम्मीदवारों पर पड़ रहा भारी

इस भीषण और असहनीय गर्मी का सीधा व व्यापक असर बठिंडा में होने वाले आगामी नगर निगम चुनावों (Municipal Corporation Elections) पर भी साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। बठिंडा सहित पंजाब के विभिन्न वार्डों में इस बार 1000 से अधिक चुनावी उम्मीदवार मैदान में अपनी राजनीतिक किस्मत आजमा रहे हैं, लेकिन दोपहर के समय चलने वाली भयंकर लू ने चुनाव प्रचार की रफ्तार को पूरी तरह से धीमा (ब्रेक) कर दिया है। प्रत्याशी अपने दोस्तों, करीबियों, रिश्तेदारों और पार्टी समर्थकों को दोपहर के समय घर-घर (Door-to-Door) जाकर वोट मांगने और प्रचार करने के लिए मनाते नजर आ रहे हैं, लेकिन समर्थक भी इस जानलेवा बीमारी वाली गर्मी में बाहर निकलने से साफ कतरा रहे हैं। पंजाब सरकार द्वारा चुनाव प्रचार के लिए केवल 15 दिनों का ही सीमित समय दिया गया था, लेकिन अब मौसम के इस बदले मिजाज के कारण वही कीमती समय उम्मीदवारों के लिए सबसे बड़ी चुनौती और भारी साबित हो रहा है।