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Ebola Outbreak 2026: कांगो और युगांडा में इबोला वायरस का कहर, 87 की मौत के बाद WHO ने घोषित की हेल्थ इमरजेंसी

किनशासा/कंपाला: अफ्रीका के कांगो (DRC) और युगांडा में इबोला वायरस का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। इस खतरनाक वायरस की चपेट में आने से अब तक 87 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसे देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने प्रभावित क्षेत्रों में हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर दी है। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, शनिवार तक अकेले इतुरी प्रांत में इबोला से 80 लोगों की संदिग्ध मौत हो गई है। यहाँ मरने वाले लोग मुख्य रूप से तीन स्वास्थ्य क्षेत्रों से आते हैं, जिनमें बुनिया, रवाम्पारा और मोंगबवालू शामिल हैं। इन मृतकों में से आठ लोगों में इबोला की पुष्टि लैब जांच में हो चुकी है, जबकि क्षेत्र में 246 से अधिक संदिग्ध मामले सामने आए हैं।

🌍 कंपाला तक पहुंचा संक्रमण: युगांडा की राजधानी में मिले दो पुष्ट मामले, डीआरसी से जुड़े तार

अफ्रीका सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (Africa CDC) के मुताबिक, पूर्वी प्रांत में अब तक कुल 87 लोगों की जान जा चुकी है, जहाँ 336 संदिग्ध और 13 पुष्ट केस दर्ज किए गए हैं। इन पुष्ट मामलों में से चार लोगों की मौत हो चुकी है। डब्ल्यूएचओ ने बताया कि युगांडा की राजधानी कंपाला में शुक्रवार और शनिवार को दो ऐसे मामले सामने आए, जिनकी लैब में पुष्टि हो चुकी है। ये मामले आपस में सीधे तौर पर जुड़े हुए नहीं लग रहे थे। इनमें से एक शख्स की इलाज के दौरान मौत हो गई। युगांडा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि ये मरीज डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) से यात्रा करके आए थे। कंपाला में जिस मरीज की मौत हुई, उसके शव को बाद में सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत वापस डीआरसी भेज दिया गया।

☣️ राजधानी किनशासा में भी दस्तक: इतुरी प्रांत से लौटे शख्स में हुई घातक इबोला वायरस की पुष्टि

संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी (WHO) ने बताया कि डीआरसी की राजधानी किनशासा में भी एक ऐसा मामला सामने आया है जिसकी लैब में पुष्टि हो चुकी है। यह संक्रमित शख्स हाल ही में इतुरी प्रांत से लौटा था। हालांकि, डब्ल्यूएचओ ने कहा कि वर्तमान में यह प्रकोप अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महामारी आपातकाल के पूर्ण मानकों को पूरा नहीं करता है, लेकिन स्थिति गंभीर है। अफ्रीका सीडीसी ने इस बात पर गहरी चिंता जताई है कि प्रभावित इलाकों के पड़ोसी देशों युगांडा और दक्षिण सूडान के बेहद करीब होने के कारण यह बीमारी अन्य देशों में भी तेजी से फैल सकती है।

⛏️ माइनिंग क्षेत्र से फैला संक्रमण: मरीजों के पलायन से तीन हेल्थ जोन में फैला वायरस, कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग तेज

एजेंसी ने प्रभावित क्षेत्रों में ‘सक्रिय सामुदायिक संक्रमण’ (Active Community Transmission) की गंभीर चेतावनी भी जारी की है। इस बीच, स्वास्थ्यकर्मी इस बीमारी को और फैलने से रोकने के लिए सीमाओं पर स्क्रीनिंग और कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग के काम को युद्ध स्तर पर कर रहे हैं। अफ्रीका सीडीसी के डायरेक्टर-जनरल डॉ. जीन कासेया ने बताया कि इबोला के शुरुआती मामले मोंगबवालू हेल्थ जोन में सामने आए थे, जो कि एक बहुत ज्यादा जनसख्या की आवाजाही वाला खनन (माइनिंग) क्षेत्र है। इसके बाद यह संक्रमण रवाम्पारा और बुनिया तक फैल गया, क्योंकि संक्रमित मरीजों ने बेहतर इलाज की उम्मीद में अलग-अलग जगहों पर जाना शुरू कर दिया था, जिससे यह वायरस आसानी से तीन बड़े हेल्थ जोन में फैल गया।