जगदलपुर: बस्तर के पूर्व पीसीसी अध्यक्ष मोहन मरकाम ने गुरुवार को राजीव भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने देश में बढ़ती महंगाई का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जब से केंद्र में मोदी सरकार आई है, तब से आम जनता महंगाई की मार झेलने को मजबूर है और बुरी तरह परेशान है।
⚙️ गलत नीतियां और ईंधन संकट: विदेश नीति पर भी लगाए आरोप
मोहन मरकाम ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की गलत आर्थिक नीतियों के कारण ही आज देश में महंगाई आसमान छू रही है। इसके साथ ही उन्होंने सरकार की विदेश नीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विदेश नीति की कमियों और खामियों के चलते आज देश को कच्चे तेल के आयात-निर्यात में भारी दिक्कतों और समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, जिसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है।
“मोदी जी ने स्लोगन दिया था कि बहुत हो गई महंगाई की मार अबकी बार मोदी सरकार, लेकिन अब देश की जनता कह रही है बहुत हो गई महंगाई की मार गद्दी छोड़ो मोदी सरकार” – मोहन मरकाम, पूर्व PCC चीफ
⛽ पीएम मोदी की अपील पर तंज: भाजपा नेताओं को दी अमल करने की नसीहत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जनता से की गई पेट्रोल और डीजल बचाने की अपील पर मोहन मरकाम ने कड़ा ऐतराज जताया और इसे सिर्फ एक दिखावा करार दिया। उन्होंने नसीहत देते हुए कहा कि आम जनता से किसी भी प्रकार की उम्मीद करने से पहले खुद भाजपा के नेताओं को प्रधानमंत्री की इस ईंधन बचत वाली अपील का पालन करना चाहिए। उन्होंने मांग की कि आगामी 18 मई को बस्तर आ रहे गृह मंत्री अमित शाह के दौरे में भी भाजपा नेताओं को इस अपील पर अमल करते हुए वाहनों का काफिला कम करना चाहिए।
🚗 छत्तीसगढ़ में ईंधन की किल्लत: पेट्रोल पंपों पर उमड़ी भारी भीड़
प्रधानमंत्री के इस आह्वान के बाद छत्तीसगढ़ के कुछ पेट्रोल पंपों पर किल्लत देखने को मिल रही है। सुबह से ही आम लोग गाड़ियों में ईंधन भरवाने के लिए पेट्रोल पंपों पर लंबी-लंबी लाइनें लगाकर पहुंच रहे हैं। कई जगहों पर स्टॉक खत्म होने की खबरें भी सामने आ रही हैं। मोहन मरकाम ने चेतावनी दी कि यदि देश में लगातार बढ़ती इस महंगाई और ईंधन संकट के हालात नहीं सुधरे तो कांग्रेस पार्टी व्यापक स्तर पर आंदोलन करेगी।
⚖️ कांग्रेस की चेतावनी: संकट नहीं सुधरा तो सड़कों पर उतरेंगे कार्यकर्ता
मरकाम ने स्पष्ट किया कि विपक्षी दल होने के नाते कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी। उन्होंने कहा कि जनता त्रस्त है और सरकार सिर्फ अपीलों के जरिए अपनी नाकामियों को छिपाने की कोशिश कर रही है। आने वाले दिनों में अगर तेल की आपूर्ति और कीमतों में स्थिरता नहीं आई, तो ब्लॉक स्तर से लेकर जिला स्तर तक केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किए जाएंगे।