अंबिकापुर: तलाक के केस के बीच पति की घिनौनी करतूत, AI तकनीक का गलत इस्तेमाल कर पत्नी का वीडियो वायरल
Ambikapur News: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दुरुपयोग का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां एक शख्स ने अपनी ही पत्नी को बदनाम करने के लिए AI तकनीक का सहारा लेकर उसका आपत्तिजनक वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर सार्वजनिक कर दिया. पीड़िता की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ बीएनएस (BNS) और आईटी एक्ट की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है.
⚖️ विवाद का बैकग्राउंड: कोर्ट में चल रहा है तलाक का मामला
जानकारी के अनुसार, महिला का विवाह वर्ष 2013 में हुआ था. पिछले काफी समय से पति-पत्नी के बीच अनबन चल रही थी. विवाद इतना बढ़ गया कि मामला कोर्ट तक पहुंच गया और पिछले दो महीनों से न्यायालय में उनके तलाक का केस विचाराधीन है. इसी कानूनी लड़ाई के बीच पति ने बदला लेने की नीयत से इस शर्मनाक करतूत को अंजाम दिया ताकि महिला पर दबाव बनाया जा सके.
📱 इंस्टाग्राम पर देखा वीडियो: फोटो के साथ छेड़छाड़ कर बनाया अश्लील कंटेंट
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि 10 मई की सुबह जब उसने अपना इंस्टाग्राम अकाउंट खोला, तो वह दंग रह गई. उसकी तस्वीरों के साथ छेड़छाड़ कर AI तकनीक के जरिए अश्लील वीडियो तैयार किए गए थे और उन्हें पोस्ट किया गया था. जब महिला ने गहराई से जांच की, तो पता चला कि ये वीडियो उसके पति की ही इंस्टाग्राम आईडी से अपलोड किए गए हैं. हालांकि, बाद में आरोपी ने वीडियो डिलीट कर दिया था, लेकिन पीड़िता ने साक्ष्य जुटा लिए थे.
⚖️ बीएनएस और आईटी एक्ट के तहत पुलिस की सख्त कार्रवाई
कोतवाली पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 77, 79, 356 और आईटी एक्ट की धारा 66 ई व 67 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है. पुलिस अब सोशल मीडिया अकाउंट्स और डिजिटल फुटप्रिंट्स की बारीकी से जांच कर रही है. तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं ताकि आरोपी के खिलाफ ठोस कानूनी कार्रवाई की जा सके.
🛡️ डिजिटल सुरक्षा: साक्ष्य के साथ पुलिस के पास पहुँची पीड़िता
महिला का आरोप है कि पति ने उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और समाज में उसकी प्रतिष्ठा को धूमिल करने के उद्देश्य से यह घिनौना कृत्य किया है. पुलिस ने जनता से भी अपील की है कि डिजिटल माध्यमों का दुरुपयोग न करें, क्योंकि साइबर कानूनों के तहत इसके लिए कठोर दंड का प्रावधान है. फिलहाल पुलिस मामले के हर तकनीकी पहलू की जांच कर रही है.