Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Ranchi News: 13 महीने से मानदेय न मिलने पर भड़के व्यावसायिक शिक्षक, JEPC मुख्यालय पर बड़ा प्रदर्शन BBMKU Dhanbad: हरित उद्यमिता और टिकाऊ आजीविका पर राष्ट्रीय सम्मेलन, लैब टू लैंड तकनीक पर जोर डुमरी सड़क हादसा: प्रशासन ने कड़े किए यातायात नियम, बाजार क्षेत्र में अब नहीं घुस पाएंगे भारी वाहन सुरक्षा बलों ने केसीपी के दो कैडरों को गिरफ्तार किया Dumka Murder Case: डीजे संचालक दिनेश राय हत्याकांड का खुलासा, प्रेमिका और उसके पति समेत 4 गिरफ्तार एआईएडीएमके में अब फूट के स्पष्ट संकेत JSCA News: झारखंड टी20 क्रिकेट लीग के लिए बिड जमा करने की तिथि बढ़ी, अब 15 मई तक मौका पश्चिम बंगाल सरकार ने भाजपा का एजेंडा चालू किया रांची: मतदाता पुनरीक्षण के लिए झारखंड तंजीम ने जारी किया टोल फ्री नंबर, खुलेगा सहायता केंद्र पश्चिम बंगाल चुनाव में एसआईआर का मामला शीर्ष अदालत में

उदयनिधि स्टालिन को विपक्ष का नेता चुना गया

द्रमुख ने युवा सीएम के सामने युवा नेता को ही खड़ा किया

राष्ट्रीय खबर

चेन्नई: तमिलनाडु की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत करते हुए द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) ने अपनी कमान युवा हाथों में सौंपने का औपचारिक निर्णय ले लिया है। पूर्व उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन को सर्वसम्मति से द्रमुक विधायक दल का नेता चुना गया है। इस नियुक्ति के साथ ही अब वह तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता (LoP) की भूमिका निभाएंगे। उनके साथ टीम को मजबूती देने के लिए अनुभवी नेता और पूर्व मंत्री के.एन. नेहरू को सदन का उपनेता और ए.वी. वेलु को व्हिप (सचेतक) नियुक्त किया गया है।

द्रमुक का यह निर्णय केवल एक नियुक्ति नहीं, बल्कि पार्टी के भीतर चल रहे पीढ़ीगत बदलाव की आधिकारिक पुष्टि है। उदयनिधि को यह जिम्मेदारी सौंपकर पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट कर दिया है कि भविष्य की राजनीति और उत्तराधिकार की योजना क्या है। हालांकि, पार्टी के भीतर एक वर्ग का सुझाव था कि सदन में विपक्ष की भूमिका निभाने के लिए किसी अनुभवी और पुराने नेता को आगे किया जाना चाहिए, लेकिन शीर्ष नेतृत्व ने आक्रामक तेवरों और युवा ऊर्जा को प्राथमिकता देते हुए उदयनिधि पर भरोसा जताया है।

तमिलनाडु विधानसभा का आगामी सत्र बेहद दिलचस्प होने वाला है, क्योंकि अब सदन के भीतर आमने-सामने दो ऐसे चेहरे होंगे जो कभी गहरे मित्र हुआ करते थे। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय और उदयनिधि स्टालिन के बीच लंबे समय तक घनिष्ठ मित्रता रही है, लेकिन करीब दो साल पहले उनके संबंधों में खटास आ गई थी। अब दोनों ही नेता राज्य की दो सबसे बड़ी राजनीतिक शक्तियों के रूप में एक-दूसरे के खिलाफ विधायी और राजनीतिक मोर्चा खोलेंगे।

चेपॉक-तिरुवल्लिकेनी निर्वाचन क्षेत्र से दूसरी बार विधायक चुने गए उदयनिधि स्टालिन का राजनीतिक ग्राफ पिछले सात वर्षों में रॉकेट की गति से ऊपर गया है। 2019 में द्रमुक युवा विंग के सचिव नियुक्त हुए। 2021 में पहली बार विधानसभा चुनाव जीतकर विधायक बने। 2022 में राज्य कैबिनेट में मंत्री के रूप में शामिल हुए। 2024 में उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली।

विपक्ष के नेता के रूप में उदयनिधि के कंधों पर अब दोहरी जिम्मेदारी है। उन्हें न केवल तमिलगा वेत्री कड़गम सरकार की नीतियों और फैसलों को प्रभावी ढंग से चुनौती देनी होगी, बल्कि सदन के भीतर द्रमुक की उस आक्रामक छवि को भी बरकरार रखना होगा जिसके लिए पार्टी जानी जाती है। यह देखना दिलचस्प होगा कि वह वरिष्ठ नेताओं के साथ तालमेल बिठाते हुए सदन की कार्यवाही को किस तरह संचालित करते हैं।