योगी मंत्रिमंडल के विस्तार में साफ झलक दिखी
राष्ट्रीय खबर
लखनऊः उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने लंबे समय से प्रतीक्षित कैबिनेट विस्तार के जरिए जातीय समीकरणों को साधने की बड़ी कोशिश की है। रविवार को लखनऊ स्थित राजभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में छह नए चेहरों ने मंत्री पद की शपथ ली, जबकि दो मंत्रियों को पदोन्नत कर नई जिम्मेदारियां सौंपी गईं। इस विस्तार में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया है।
शपथ लेने वाले नेताओं में भूपेंद्र चौधरी, मनोज पांडे, अजीत पाल, सोमेंद्र तोमर, कृष्णा पासवान, सुरेंद्र दिलेर, हंसराज विश्वकर्मा और कैलाश राजपूत शामिल हैं। इनमें से सुरेंद्र दिलेर, कृष्णा पासवान, हंसराज विश्वकर्मा और कैलाश राजपूत को राज्य मंत्री बनाया गया है, जबकि अन्य को कैबिनेट और स्वतंत्र प्रभार की जिम्मेदारी दी गई है। हालांकि, सपा की बागी विधायक पूजा पाल को इस बार कैबिनेट में जगह नहीं मिली।
भाजपा पदाधिकारियों के अनुसार, इस विस्तार में 6 में से 3 ओबीसी, 2 दलित और 1 ब्राह्मण चेहरे को शामिल किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य समाजवादी पार्टी के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) नैरेटिव की काट खोजना और इन वर्गों का प्रतिनिधित्व बढ़ाना है। अब 60 सदस्यीय मंत्रिपरिषद में 25 ओबीसी, 21 सवर्ण, 12 दलित, एक सिख और एक मुस्लिम मंत्री शामिल हैं।
यूपी भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कद्दावर नेता भूपेंद्र चौधरी ने एक बार फिर कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली है। वे संगठन और सरकार के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी माने जाते हैं। रायबरेली के ऊंचाहार से सपा के बागी विधायक मनोज पांडे को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। राज्यसभा चुनाव के दौरान पाला बदलने वाले पांडे के जरिए भाजपा की नजर ब्राह्मण वोटों को एकजुट करने पर है।
कन्नौज की तिर्वा सीट से विधायक और लोधी समुदाय के नेता कैलाश राजपूत को राज्य मंत्री बनाया गया है। कन्नौज अखिलेश यादव का संसदीय क्षेत्र है, वहां राजपूत की नियुक्ति लोधी वोट बैंक को वापस खींचने की रणनीति का हिस्सा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के पूर्व जिला अध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा को राज्य मंत्री बनाया गया है। वे ओबीसी विश्वकर्मा समुदाय से आते हैं।
अलीगढ़ की खैर सीट से विधायक सुरेंद्र दिलेर को राज्य मंत्री बनाया गया है। दलित (वाल्मीकि) समुदाय से आने वाले दिलेर के जरिए भाजपा दलित वोट बैंक में अपनी पैठ मजबूत करना चाहती है। फतेहपुर के खागा से विधायक कृष्णा पासवान को राज्य मंत्री बनाया गया है। वे दलित पासी समुदाय से आती हैं। 2024 के चुनावों में पासी वोटों के सपा की ओर झुकाव को देखते हुए यह एक महत्वपूर्ण नियुक्ति है। अजीत पाल और सोमेंद्र तोमर, दोनों नेताओं को राज्य मंत्री से पदोन्नत कर स्वतंत्र प्रभार का मंत्री बनाया गया है। सोमेंद्र तोमर गुर्जर समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हैं।