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Stock Market Update: गिरते बाजार में LIC ने चली बड़ी चाल, भारतीय शेयर बाजार में निवेश किए ₹18,500 करोड़

मार्च तिमाही में जब भारतीय शेयर बाजार भारी बिकवाली के दबाव में था, तब देश की सबसे बड़ी संस्थागत निवेशक कंपनी LIC ने बड़ा दांव खेला. कंपनी ने करीब 18,500 करोड़ रुपये निवेश कर Bajaj Finance, Infosys, TCS, Bharti Airtel और IRFC जैसे शेयरों में हिस्सेदारी बढ़ाई. खास बात यह रही कि LIC ने उन कंपनियों पर दांव लगाया जिनके शेयर 20% से 30% तक टूट चुके थे. इससे साफ है कि LIC ने बाजार की कमजोरी को लंबी अवधि के अवसर के रूप में देखा है.

भारतीय शेयर बाजार में मार्च तिमाही के दौरान आई तेज गिरावट के बीच भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने आक्रामक निवेश रणनीति अपनाते हुए करीब 18,500 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे. देश की सबसे बड़ी घरेलू संस्थागत निवेशक कंपनी ने उन शेयरों पर दांव लगाया जिनमें भारी गिरावट देखने को मिली थी. LIC की यह रणनीति बाजार में बाय द डिप यानी गिरावट पर खरीदारी की सबसे बड़ी मिसाल बनकर सामने आई है.

बजाज फाइनेंस में की सबसे ज्यादा खरीदारी

LIC ने इस दौरान बजाज फाइनेंस में सबसे ज्यादा खरीदारी की. कंपनी ने 2.32 करोड़ अतिरिक्त शेयर खरीदकर करीब 2,167 करोड़ रुपये निवेश किए. खास बात तो यह रही कि तिमाही के दौरान बजाज फाइनेंस का शेयर करीब 19% टूट चुका था. इसके अलावा LIC ने भारती एयरटेल में 2,153 करोड़ रुपये, TCS में 2,143 करोड़ रुपये और Cipla में 2,068 करोड़ रुपये का निवेश किया.

सबसे ज्यादा चर्चा IRFC में बढ़ाई गई हिस्सेदारी की हो रही है. LIC ने Indian Railway Finance Corporation के 18.72 करोड़ अतिरिक्त शेयर खरीदे, जिनकी अनुमानित वैल्यू 2,044 करोड़ रुपये रही. तिमाही के दौरान IRFC का शेयर करीब 30% गिरा था, लेकिन इसके बावजूद LIC ने इस PSU कंपनी में अपनी हिस्सेदारी 1.10% से बढ़ाकर 2.54% कर दी.

आईटी स्टॉक्स में भी लगाया दांव

IT सेक्टर में भी LIC ने बड़ा भरोसा दिखाया. Infosys में करीब 1,897 करोड़ रुपये और HAL में 1,819 करोड़ रुपये का निवेश किया गया. Infosys का शेयर इस दौरान 23% और HAL करीब 21% टूट चुका था. इसके अलावा HCL Technologies, Hyundai Motor India और Maruti Suzuki भी LIC की टॉप खरीदारी वाली कंपनियों में शामिल रहीं.

हालांकि, LIC की रणनीति सिर्फ खरीदारी तक सीमित नहीं रही. कंपनी ने कुछ बड़े बैंकिंग और मेटल शेयरों में मुनाफावसूली भी की. सबसे बड़ी बिकवाली SBI में हुई, जहां LIC ने 4,626 करोड़ रुपये के शेयर बेचे. इसके अलावा ICICI Bank और HDFC Bank में भी हिस्सेदारी कम की गई. HDFC Bank के शेयर में भी तिमाही के दौरान भारी गिरावट आई थी, लेकिन LIC ने यहां खरीदारी के बजाय कटौती करना बेहतर समझा.