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Jabalpur School Bag Policy: जबलपुर में पहली से 12वीं तक के छात्रों के स्कूल बैग का वजन तय; आदेश का उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई

Jabalpur school bag policy: मध्यप्रदेश के जबलपुर में स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए एक राहत भरी खबर आई है. स्कूली बच्चों के भारी बस्तों को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है. मध्य प्रदेश बाल संरक्षण आयोग और डीपीआई के निर्देशों के बाद शहर के स्कूलों में नेशनल स्कूल बैग पॉलिसी सख्ती से लागू की जा रही है. खास बात यह है कि अब कक्षा पहली के बच्चों के बैग का वजन 1078 ग्राम से ज्यादा नहीं होना चाहिए. तय सीमा से अधिक वजन मिलने पर स्कूल प्रबंधन पर कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन का कहना है कि बच्चों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है. स्कूलों को किताबों की संख्या संतुलित रखने के निर्देश भी दिए गए हैं.

बाल संरक्षण आयोग ने जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह को पत्र लिखकर यह स्पष्ट कर दिया है कि भारी स्कूल बैग बच्चों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा हैं. रिपोर्ट के अनुसार प्री-प्राइमरी यानी केजी और नर्सरी के बच्चों के लिए बैग की कोई आवश्यकता नहीं है. कक्षा 1 से लेकर 12वीं तक के छात्रों के लिए वजन की एक विस्तृत सूची जारी की गई है. इसके साथ ही जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्कूलों का औचक निरीक्षण करें और छात्रों के बैग का वजन तौलें. हालांकि वर्तमान में स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां होने के कारण इस जांच की रिपोर्टिंग पर सवाल भी उठ रहे हैं, क्योंकि कई क्षेत्रों में बिना वास्तविक निरीक्षण के कागजी खानापूर्ति की आशंका जताई जा रही है.

बाल संरक्षण आयोग ने जताई थी चिंता

विशेषज्ञों का मानना है कि अपनी क्षमता से अधिक वजन उठाने के कारण छोटे बच्चों की रीढ़ की हड्डी और कंधों पर गहरा असर पड़ता है. बाल संरक्षण आयोग ने अपनी चिंता जताते हुए कहा है कि निजी स्कूल अब भी नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं. भारी बस्तों के कारण बच्चों का शारीरिक विकास रुक सकता है और वे कम उम्र में ही पीठ दर्द जैसी समस्याओं का शिकार हो रहे हैं.

प्रशासन ने बच्चों की उम्र और कक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूल बैग के वजन की सीमा तय कर दी है. निर्देशों के मुताबिक प्री-प्राइमरी के बच्चों को बैग लाने की जरूरत नहीं होगी. वहीं कक्षा 1 के लिए बैग का वजन 1078 ग्राम, कक्षा 2 के लिए 1080 ग्राम, कक्षा 3 के लिए 1572 ग्राम, कक्षा 4 के लिए 1804 ग्राम, कक्षा 5 के लिए 1916 ग्राम तय किया गया है. इसी तरह कक्षा 6 के लिए 3080 ग्राम, कक्षा 7 के लिए 3508 ग्राम, कक्षा 8 के लिए 3640 ग्राम, कक्षा 9 के लिए 4400 ग्राम और कक्षा 10 के लिए 4182 ग्राम सीमा निर्धारित की गई है. वहीं 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए बैग का वजन 3.5 किलो से 5 किलो तक तय किया गया है.

मानक से अधिक वजन पर सख्त कार्रवाई

प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि निरीक्षण के दौरान किसी भी स्कूल में निर्धारित मानक से अधिक वजन पाया गया तो प्रबंधन के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. इसमें भारी जुर्माना और स्कूल की मान्यता रद्द करने जैसे कदम भी शामिल हो सकते हैं. जबलपुर के अभिभावकों ने इस फैसले का स्वागत किया है लेकिन उनका कहना है कि यह केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि जमीनी स्तर पर भी इसका क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए. छुट्टियों के बाद जब स्कूल दोबारा खुलेंगे तो क्या प्रशासन वाकई इन भारी बस्तों का बोझ कम कर पाएगा या यह आदेश भी फाइलों में दबकर रह जाएगा.