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जेपी एसोसियेट्स को लेकर अडानी का प्रस्ताव बरकार

प्राधिकार ने वेदांता की अपील खारिज कर दी

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (एनसीएलएटी) ने सोमवार को वेदांत लिमिटेड की उस अपील को खारिज कर दिया, जिसमें कर्ज में डूबी जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड के लिए अडानी समूह की समाधान योजना को दी गई मंजूरी को चुनौती दी गई थी। चेयरपर्सन न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) अशोक भूषण और तकनीकी सदस्य बरुण मित्रा की पीठ ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि लेनदारों की समिति द्वारा वेदांत की योजना को खारिज करना और अडानी की योजना को स्वीकार करना पूरी तरह से तर्कसंगत था।

जयप्रकाश एसोसिएट्स के खिलाफ दिवाला प्रक्रिया जून 2024 में आईसीआईसीआई बैंक की याचिका पर शुरू हुई थी। कंपनी पर 57,000 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया कर्ज था, जिसमें नेशनल एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड 85 प्रतिशत से अधिक वोटिंग शेयर के साथ सबसे बड़ी वित्तीय लेनदार थी। इस प्रक्रिया के दौरान कुल 28 बोलियां प्राप्त हुईं, जिनमें से अंततः अडानी एंटरप्राइजेज, वेदांत, डालमिया सीमेंट और जिंदल पावर सहित छह बोलीदाताओं ने अपनी अंतिम योजनाएं प्रस्तुत कीं। स्वतंत्र मूल्यांकन के बाद, अडानी के प्रस्ताव को वित्तीय मूल्य और तत्काल रिकवरी के मानकों पर सबसे बेहतर पाया गया।

विवाद तब शुरू हुआ जब नवंबर 2025 में नीलामी प्रक्रिया समाप्त होने के बाद वेदांत ने अपनी योजना में एक परिशिष्ट जोड़कर 16,070 करोड़ रुपये का संशोधित प्रस्ताव दिया। हालांकि, सीओसी ने इसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया, क्योंकि बोली ढांचे के नियमों के अनुसार प्रक्रिया समाप्त होने के बाद वित्तीय प्रस्तावों में बदलाव की अनुमति नहीं थी। वेदांत ने इस निर्णय को पारदर्शिता की कमी बताते हुए चुनौती दी थी, लेकिन ट्रिब्यूनल ने माना कि संशोधित प्रस्ताव केवल इसलिए दिया गया क्योंकि वेदांत को पता चल गया था कि उसकी मूल बोली अडानी से कम थी।

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए वेदांत की याचिका खारिज कर दी थी, लेकिन एनसीएलएटी को मामले की त्वरित सुनवाई का निर्देश दिया था। सोमवार के इस फैसले के बाद अडानी एंटरप्राइजेज द्वारा जयप्रकाश एसोसिएट्स के अधिग्रहण का रास्ता साफ हो गया है। इस पूरी कानूनी प्रक्रिया में समाधान पेशेवर (RP) का पक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी और अरुण कथपालिया ने रखा, जबकि वेदांत की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिजीत सिन्हा पेश हुए।