पुतिन ने कहा नागरिक ठिकानों पर हमला हो रहा
एजेंसियां
मास्कोः मंगलवार को रूस के तुआपसे शहर में स्थित एक प्रमुख तेल रिफाइनरी पर यूक्रेनी ड्रोन हमले के कारण भीषण आग लग गई। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इस घटना को नागरिक ठिकानों पर बढ़ते यूक्रेनी हमलों का प्रमाण बताया है। पिछले दो हफ्तों से भी कम समय में काला सागर स्थित इस बंदरगाह पर यह तीसरा हमला है।
यूक्रेन की सेना ने इस हमले की पुष्टि की है। यह हमला रूस के तेल उद्योग को बाधित करने और उस राजस्व को कम करने की रणनीति का हिस्सा है जिसके जरिए मास्को युद्ध के लिए धन जुटाता है। रूसी टेलीविजन पर पुतिन ने कहा, नागरिक बुनियादी ढांचे के खिलाफ ड्रोन हमले लगातार बढ़ रहे हैं। तुआपसे में ऊर्जा सुविधाओं पर हमला इसका ताजा उदाहरण है, जिसके गंभीर पर्यावरणीय परिणाम हो सकते हैं। हालांकि, पुतिन ने क्षेत्रीय गवर्नर के हवाले से यह भी कहा कि फिलहाल कोई बड़ा खतरा नहीं है।
रूस के आपातकालीन मंत्री अलेक्जेंडर कुरेनकोव ने स्थिति को जटिल लेकिन नियंत्रण में बताया है। उन्होंने कहा कि काला सागर में तेल उत्पादों के रिसाव को रोक दिया गया है और इसे फैलने से बचाने के लिए विशेष अवरोधक लगाए गए हैं। गवर्नर वेनियामिन कोंद्रतयेव के अनुसार, आग पर काबू पाने के लिए अग्निशमन दल तैनात हैं और अतिरिक्त 300 सदस्यीय आपातकालीन टीम बुधवार तक पहुँच जाएगी। क्रेमलिन ने यूक्रेन पर आरोप लगाया कि वह निर्यात के लिए रखे गए तेल भंडार को निशाना बनाकर वैश्विक तेल की कमी को और बढ़ा रहा है।
सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों में रिफाइनरी से काले धुएं का गुबार उठता देखा गया, जिसके बाद प्रशासन ने लोगों को खिड़कियां बंद रखने की सलाह दी है। उद्योग जगत के सूत्रों के अनुसार, बंदरगाह को हुए नुकसान के कारण यह रिफाइनरी 16 अप्रैल से ही उत्पादन बंद कर चुकी है क्योंकि वहां से उत्पादों की शिपिंग असंभव हो गई थी। तुआपसे जिला प्रमुख ने रिफाइनरी के पास रहने वाले निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर जाने का आदेश दिया है। स्थानीय निवासियों ने बार-बार हो रहे हमलों के बावजूद वायु रक्षा प्रणाली मजबूत न होने पर मास्को के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर की है।