आत्मनिर्भर भारत की नई उड़ान की तैयारी
राष्ट्रीय खबर
बेंगलुरुः भारत की स्वदेशी उच्च गति रेल तकनीक के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बेंगलुरु स्थित बीईएमएल परिसर में आत्मनिर्भर भारत के तहत आदित्य नामक बुलेट ट्रेन निर्माण संयंत्र का भव्य उद्घाटन किया। इस अवसर पर आकाशवाणी और दूरदर्शन से बात करते हुए मंत्री ने घोषणा की कि इस संयंत्र से भारत की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन का प्रोटोटाइप (नमूना) अगले साल यानी 2027 के शुरुआती महीनों में बनकर तैयार हो जाएगा, जबकि पूर्ण उत्पादन 2027 के उत्तरार्ध में शुरू होने की उम्मीद है।
स्वदेशी तकनीक और बी 28 बुलेट ट्रेन बेंगलुरु के इस आदित्य परिसर को विशेष रूप से बी-28 बुलेट ट्रेन कोच विकसित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। रेल मंत्री ने जोर देकर कहा कि हाई-स्पीड रेल तकनीक अत्यंत जटिल है और इसे देश के भीतर विकसित करना भारतीय इंजीनियरिंग के लिए एक बहुत बड़ा मील का पत्थर है। बी-28 भारत की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन होगी, जो मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत अभियान को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाएगी।
अश्विनी वैष्णव ने उच्च गति वाली रेल के परिवर्तनकारी प्रभाव पर चर्चा करते हुए कहा कि जब ये ट्रेनें शुरू होंगी, तो बड़े शहर एक-दूसरे के विस्तार जैसे लगने लगेंगे। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि बुलेट ट्रेन परिचालन के बाद चेन्नई-बेंगलुरु के बीच की यात्रा का समय घटकर मात्र 73 मिनट रह जाने की उम्मीद है।
इसके अलावा, उन्होंने कर्नाटक के लिए कई नई सौगातों की घोषणा की। अगले कुछ महीनों में बेंगलुरु-मंगलुरु-मडगांव वंदे भारत एक्सप्रेस की सेवा शुरू होगी। बेंगलुरु और मुंबई के बीच एक सुपरफास्ट ट्रेन और वंदे भारत स्लीपर ट्रेन जल्द ही संचालित की जाएगी। रेल मंत्री ने बेंगलुरु उपनगरीय रेल परियोजना की प्रगति पर भी संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया ने अब गति पकड़ ली है, जिससे शहर के भीतर यातायात की समस्या को कम करने में बड़ी मदद मिलेगी। रेल मंत्री का यह दौरा न केवल बेंगलुरु के लिए, बल्कि पूरे देश की रेल अवसंरचना को आधुनिक और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।