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प्रवासियों और शरणार्थियों की हालत पालतू जानवरों से बदतर

ट्रंप के एक और फैसले पर पोप का दोबारा परोक्ष कटाक्ष

रोमः कैथोलिक ईसाइयों के सर्वोच्च धर्मगुरु पोप लियो ने प्रवासियों और शरणार्थियों के प्रति दुनिया के रवैये पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए समाज को आईना दिखाया है। चार अफ्रीकी देशों की अपनी व्यापक यात्रा से गुरुवार को रोम लौटते समय, विमान में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि आज प्रवासियों को अक्सर पालतू जानवरों या अन्य पशुओं से भी बदतर समझा जाता है। पोप लियो, जो रोमन कैथोलिक चर्च के इतिहास में संयुक्त राज्य अमेरिका से आने वाले पहले प्रमुख हैं, ने मानवता के प्रति गिरते मूल्यों पर गहरी चिंता व्यक्त की।

पोप ने स्पष्ट शब्दों में कहा, वे मनुष्य हैं, और हमें मनुष्यों के साथ मानवीय तरीके से व्यवहार करना चाहिए। हमें उनके साथ पालतू जानवरों या पशुओं से भी बुरा बर्ताव नहीं करना चाहिए। हालांकि उन्होंने अपने संबोधन में किसी विशिष्ट देश का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके इस बयान को वैश्विक स्तर पर बढ़ रही शरणार्थी विरोधी भावनाओं के खिलाफ एक बड़े हस्तक्षेप के रूप में देखा जा रहा है।

गौरतलब है कि पोप लियो पहले भी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की कठोर आप्रवासन नीतियों की आलोचना कर चुके हैं। उन्होंने पूर्व में यह सवाल भी उठाया था कि क्या ट्रम्प प्रशासन की नीतियां कैथोलिक चर्च की जीवन-समर्थक शिक्षाओं के अनुरूप हैं, जिसके कारण उन्हें अमेरिका के रूढ़िवादी कैथोलिकों की तीखी आलोचना का सामना करना पड़ा था।

गुरुवार को अपनी बात जारी रखते हुए लियो ने स्वीकार किया कि देशों को अपनी सीमाओं को नियंत्रित करने का संप्रभु अधिकार है, लेकिन उन्होंने अमीर राष्ट्रों से उन गरीब देशों के विकास में मदद करने का आग्रह किया जहाँ से लोग पलायन कर रहे हैं। उन्होंने सवाल किया, अमीर देश गरीब देशों की स्थिति बदलने के लिए क्या कर रहे हैं? हम उन देशों की परिस्थितियों को बदलने का प्रयास क्यों नहीं कर सकते ताकि लोगों को अपना घर न छोड़ना पड़े?

इसके अतिरिक्त, पोप ने इस साल की शुरुआत में ईरान में प्रदर्शनकारियों की हत्या की भी कड़ी निंदा की। यह बयान तब आया जब राष्ट्रपति ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर उन पर यह आरोप लगाया था कि वे अमेरिका-इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों की तो आलोचना करते हैं, लेकिन ईरान के भीतर हो रहे दमन पर चुप रहते हैं। जनवरी में ईरान में हजारों सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों के मारे जाने की खबरों पर पूछे गए सवाल के जवाब में पोप ने कहा, मैं उन सभी कार्यों की निंदा करता हूँ जो अन्यायपूर्ण हैं। मैं लोगों की जान लेने की कड़े शब्दों में निंदा करता हूँ। उल्लेखनीय है कि 12 अप्रैल को ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर पोप को भयानक कहा था, क्योंकि वे ईरान युद्ध के एक मुखर आलोचक के रूप में उभरे थे।