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Jansunwai Reality Check: सिर्फ नाम की जनसुनवाई! अकेले बैठे रहे अपर आयुक्त, अधिकारियों की कुर्सियां खाली देख भड़के फरियादी

ग्वालियर: नगर निगम में हर मंगलवार को 2 घंटे की होने वाली जनसुनवाई महज औपचारिकता में बदल चुकी है, यहां फरियादी तो अपनी समस्या लेकर आ रहे हैं, लेकिन उनकी परेशानी का समाधान करने अधिकारी नहीं आते, यही नजारा इस मंगलवार को भी देखने को मिला. जहां नगर निगम के अपर आयुक्त तो सीट पर दिखे, लेकिन उनके कनिष्ठ अधिकारी कर्मचारियों की कुर्सियां खाली पड़ी रही.

अकेले बैठे रहे अपर आयुक्त

ग्वालियर नगर निगम में मंगलवार को ठीक 11 बजे जनसुनवाई शुरू हुई, सुनवाई हॉल में शिकायतकर्ताओं का आना शुरू हो गया, लेकिन अंदर सिर्फ एक वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे, बाकी कुर्सियां खाली पड़ी थी. ऐसे में शिकायतकर्ताओं ने सामने मौजूद अपर आयुक्त प्रदीप तोमर के आगे अपनी समस्याओं की गुहार लगायी. जिस पर अपर आयुक्त ने ही उनके आवेदन लेकर उन्हें आगे की प्रक्रिया समझाई.

50 मिनट बाद भी चंद अधिकारी कर्मचारी पहुंचे

ऐसा नहीं है कि, हालत जल्द बदल गए. लगभग 50 मिनट बीतने के बाद भी हॉल में कुछ कर्मचारी ही पहुंचे. ऐसे में ये साफ है कि, जनता की समस्याएं सुनने और उन्हें दूर करने के उद्देश्य से शुरू की गई जनसुनवाई ग्वालियर नगर निगम के लिए महज औपचारिकता बन कर रह गई है. शायद इसी वजह से जनसमस्याओं को सुनने और दूर करने में अधिकारियों रुचि नहीं दिखायी दे रही.

जनसुनवाई में दिखी अनुशासनहीनता

हालांकि जब कुछ अधिकारी कर्मचारी पहुंचे तो कुछ कुर्सियां भरी, लेकिन ये कर्मचारी भी टाइम पास के लिए मोबाइल चलाते या आपस में बातचीत में मशगूल दिखे, यह हालात तब थे, जब जनसुनवाई की मुख्य बेंच पर नगर निगम के दो-दो एडिशनल कमिश्नर बैठे थे. ऐसे में कहीं ना कहीं वरिष्ठ अधिकतियों की मौजूदगी के बावजूद अधीनस्थ कर्मचारियों की यह अनुशासनहीनता भी कम नहीं आंकी जा सकती.

अपर आयुक्त बोले-अनुपस्थित लोगों पर कार्रवाई करेंगे

जब इन हालातों पर हमने अपर आयुक्त प्रदीप सिंह तोमर से बात की तो उनका कहना था की, “आज कुछ अधिकारी-कर्मचारी जनसुनवाई में नहीं आए हैं. जो आए हैं, उनकी हाजरी लेकर अन्य अनुपस्थित अधिकारी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. हालांकि उन्होंने यह भी कहा की, अमूमन हर बार सभी अधिकारी कर्मचारी आते हैं, शिकायतकर्ता भी आते हैं. उनकी समस्याएं भी हल होती हैं.”

मंत्री कार्यक्रम में भी नहीं पहुचे थे अधिकारी

आपको बता दें की नगर निगम के अधिकारी कर्मचारियों द्वारा अपने काम के प्रति उदासीनता पहली बार दिखायी नहीं दी है, इससे पहले भी हाल ही में ग्वालियर में कैबिनेट मंत्री नारायण सिंह कुशवाह के अथित्य में हुए सड़क भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान भी निगम का कोई अधिकारी कर्मचारी नहीं पहुचा था. जिस पर मंत्री नाराजगी भी जाहिर की थी और मामले ने सुर्खियां भी बटोरी थी.