पालमो का रहने वाला है गोलगप्पा विक्रेता
डीसी ने ग्रामीणों से बातचीत की तो यह साफ हुआ कि गोलगप्पा बेचने वाला पालमो गांव का निवासी है. वह आए दिन इस गांव में आता रहता है. शनिवार को भी गोलगप्पा बेचने आया. पहले पहर में जिसने गोलगप्पा खाया उसकी तबियत ठीक रही. लेकिन दूसरे पहर में गोलगप्पा खाने वालों की तबियत बिगड़ने लगी.
ग्रामीणों ने बताया कि रविवार सुबह से ही लोगों की तबियत ज्यादा खराब होने लगी थी. लोगों ने पहले गांव में ही इलाज शुरू किया. दोपहर के बाद जब ज्यादा लोगों की तबियत बिगड़ने लगी तो यहां के प्रबुद्ध लोग एक्टिव हुए. जिसके बाद लोगों को सदर अस्पताल ले जाया जाने लगा.
एम्बुलेंस की शिकायत को डीसी ने लिया गंभीरता से
गांव पहुंचे डीसी के समक्ष ग्रामीणों ने एम्बुलेंस की भी शिकायत की. ग्रामीणों ने बताया कि 108 में फोन करने के बाद एम्बुलेंस काफी देर से पहुंचा और इसके बाद एम्बुलेंस के ड्राइवर एक साथ कई मरीजों को ले जाने को तैयार ही नहीं थे. ऐसे में निजी वाहन से मरीजों को सदर अस्पताल पहुंचाया गया. डीसी ने इस मामले को भी गंभीरता से लिया.
मृतक के प्रति व्यक्त की संवेदना
यहां लोगों ने डीसी से मृतक बच्चे के परिजनों के लिए मुआवजा की मांग रखी. ऐसे में डीसी ने मृतक के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि जो भी संभव होगा वह मदद की जाएगी. उन्होंने कहा कि पूरा प्रशासन ग्रामीणों के साथ है.
कल्पना ने की बात
जिस इलाके की यह घटना है वह क्षेत्र गांडेय विधानसभा में आता है. ऐसे में यहां की विधायक सह मुख्यमंत्री की पत्नी कल्पना मुर्मू सोरेन ने डीसी से वहां की स्थिति की जानकारी ली. फोन पर काफी देर तक बातचीत की तथा कई निर्देश भी दी.
पूर्व विधायक भी पहुंचे गांव
दूसरी तरफ रविवार की शाम को जानकारी मिलते ही पूर्व विधायक प्रो जेपी वर्मा भी दोनों गांव पहुंचे और मरीजों का हाल जाना. वहीं भाजपा नेता दिनेश यादव भी सदर अस्पताल पहुंचे. इनके अलावा कई नेता और सामाजिक कार्यकर्त्ता भी अस्पताल पहुंचे.
गोलगप्पे वाले से पूछताछ
मामले में जिस व्यक्ति द्वारा गोलगप्पा बेचा गया था उसे भी पूछताछ के लिए थाना लाया गया. यहां मुफ्फसिल पुलिस ने गोलगप्पे वाले से पूछताछ की है. पूछताछ में पुलिस ने गोलगप्पा का मसाला कब बनाया गया था और क्या-क्या मिलाया गया था इसके बारे में जानकारी लेने की कोशिश की.