हादसे में एक जवान की झुलसने से मौत
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नौकाओं में ईंधन भरा जा रहा था
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बगल के कमरे में आग भड़की
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जवान को निकलने का मौका नहीं मिला
राष्ट्रीय खबर
कोलकाताः पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के अंतर्गत आने वाले हिंगलगंज में सीमा सुरक्षा बल के एक कैंप में गुरुवार सुबह भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में 77वीं बटालियन के एक जवान की जिंदा जलने से मौत हो गई। इस घटना ने सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा और कैंपों के भीतर आपातकालीन इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मृतक जवान की पहचान राम सिंह के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह जब हिंगलगंज थाने के बांकड़ा इलाके में स्थित 77वीं बटालियन के कैंप में बीएसएफ की नौकाओं (बोट) में ईंधन भरने का काम चल रहा था, तभी पेट्रोल पंप के पास स्थित एक कमरे में अचानक आग लग गई। आग इतनी भीषण थी कि कमरे के भीतर मौजूद जवान राम सिंह को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला और वह वहीं फंस गए।
आसपास मौजूद अन्य जवानों ने तुरंत उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन आग की लपटें इतनी तेज थीं कि उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ी। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। काफी प्रयासों के बाद जब आग पर काबू पाया गया और जवान को बाहर निकाला गया, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने जवान के शव को पोस्टमार्टम के लिए बशीरहाट जिला अस्पताल के पुलिस मोर्ग (शव गृह) भेज दिया है।
सुरक्षा और जांच पर उठते सवाल शुरुआती जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। चूंकि हादसा ईंधन भरने वाले क्षेत्र के पास हुआ, इसलिए तेल के संपर्क में आते ही आग ने विकराल रूप ले लिया। बीएसएफ के आला अधिकारियों और पुलिस ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी है। जांच के केंद्र में मुख्य रूप से दो बिंदु हैं।
क्या पेट्रोल पंप और संवेदनशील क्षेत्रों के पास सुरक्षा मानकों (Safety Protocols) की अनदेखी की गई थी? क्या कैंप के भीतर बिजली के तारों और उपकरणों के रखरखाव में कोई लापरवाही बरती गई, जिससे शॉर्ट सर्किट हुआ? इस घटना के बाद पूरे इलाके और कैंप परिसर में शोक और सनसनी का माहौल है। बीएसएफ अधिकारी यह भी सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि भविष्य में इस तरह की तकनीकी खराबी और सुरक्षा संबंधी चूक की पुनरावृत्ति न हो।