Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Greater Noida Robbery: ग्रेटर नोएडा की पॉश सोसायटी में दिनदहाड़े 15 लाख की लूट, सुरक्षा पर उठे सवाल Baruipur Case: बारुईपुर हत्याकांड पर सियासी घमासान, ममता बनर्जी के आवास के बाहर केंद्रीय बल तैनात Kanpur Road Accident: बर्रा एलिवेटेड रोड पर दर्दनाक हादसा, ट्रैफिक सिपाही और ट्रक ड्राइवर की मौत Dehradun Crime News: मामूली एक्सीडेंट के बाद युवक का अपहरण, रातभर बंधक बनाकर दिया थर्ड डिग्री टॉर्चर Allahabad High Court on Halala: हलाला के नाम पर नाबालिग से गैंगरेप, कोर्ट बोला- पर्सनल लॉ अपराध से न... Mumbai Mankhurd Building Collapse: मानखुर्द में 3 मंजिला इमारत ढही, 5 बच्चों और महिला की मौत 24 रुपये के लिए 5 साल की कानूनी लड़ाई: खाली बाम मिलने पर उपभोक्ता ने कंपनी को चखाया मजा, मिला 40 हजा... 'भारत की एकता और प्रगति के लिए समर्पित जीवन': पीएम मोदी ने किया डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को याद Maharashtra Weather Updates: मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर भूस्खलन, रेल यातायात ठप और ठाणे में रेड अलर्ट Ram Mandir Trust Meeting: राम मंदिर ट्रस्ट की अहम बैठक आज, चंपत राय के इस्तीफे और नए महासचिव पर होगा...

Cyber Fraud: ‘प्लेबॉय’ बनने के चक्कर में लुटाए पैसे, फिर खुद बना बड़ा साइबर ठग; जानें कैसे बिछाता था जाल

Bihar Cyber Crime: बिहार की राजधानी पटना में साइबर अपराध की एक बड़ी साजिश का पुलिस ने पर्दाफाश किया है. यह गिरोह लुभावने विज्ञापनों के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसाता था और फिर ठगी की घटनाओं को अंजाम देता था. खास बात यह है कि आरोपी एपीके फाइल के माध्यम से लोगों के मोबाइल में सेंध लगाकर उनकी निजी जानकारी हासिल करते थे और बैंक खातों से पैसे उड़ा लेते थे. फिलहाल पुलिस ने इस गिरोह के 3 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की जांच जारी है.

साइबर थाना के डीएसपी नीतीश चंद्र धारिया ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि नवादा जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के जमुआवा निवासी विक्की कुमार, वारिसअलीगंज थाना क्षेत्र के चांदपुर निवासी शुभम राज और गुलशन कुमार मिलकर साइबर ठगी का नेटवर्क चला रहे हैं. ये लोग फाइनेंस लोन के नाम पर भ्रामक विज्ञापन जारी करते थे और लोगों को आसान लोन दिलाने का झांसा देकर संपर्क में लाते थे.

प्रोसेसिंग फीस के नाम पर पैसे लेते थे

जांच में सामने आया कि आरोपी धनी फाइनेंस लोन जैसे नामों का इस्तेमाल कर लोगों को भरोसा दिलाते थे. इसके बाद प्रोसेसिंग फीस के नाम पर छोटे-छोटे भुगतान करवाते थे और साथ ही प्लेबॉय जैसे नामों से विज्ञापन देकर एपीके फाइल का लिंक भेजते थे, जिसमें लिखा होता कि प्लेबॉय बनकर कमाई करो. जैसे ही कोई व्यक्ति उस लिंक पर क्लिक करता और दिए गए निर्देशों का पालन करता, उसके मोबाइल का डेटा आरोपियों के पास पहुंच जाता था.

पुलिस के मुताबिक, आरोपी फेसबुक, टेलीग्राम और व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों का डेटा जुटाते थे. इसके बाद उन्हें एपीके लिंक भेजकर रजिस्ट्रेशन के नाम पर 15 से 25 रुपये तक का भुगतान करवाते थे. इस प्रक्रिया के दौरान ही यूजर्स की निजी और बैंकिंग जानकारी उनके हाथ लग जाती थी, जिसके बाद वे आसानी से खातों को खाली कर देते थे.

11 मोबाइल फोन और एक लैपटॉप बरामद

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पटना के बेऊर थाना क्षेत्र में स्थित एक फ्लैट पर छापेमारी की. इस दौरान आरोपियों के पास से 11 मोबाइल फोन और एक लैपटॉप बरामद किया गया. जांच में यह भी सामने आया है कि इन आरोपियों के खिलाफ बिहार ही नहीं, बल्कि देश के कई अन्य राज्यों से भी शिकायतें दर्ज हैं.

पूछताछ में खुलासा हुआ कि गुलशन कुमार खुद भी पहले साइबर ठगी का शिकार हो चुका था. करीब 10 हजार रुपये गंवाने के बाद उसने यूट्यूब के जरिए ठगी के तरीके सीखे और अपने साथ अन्य युवकों को जोड़कर यह गिरोह खड़ा कर लिया. पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपी म्यूल अकाउंट का इस्तेमाल करते थे, जिनके जरिए ठगी की रकम को इधर-उधर किया जाता था. ऐसे अकाउंट उपलब्ध कराने वाले गिरोह की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए भी कार्रवाई की जा रही है.