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ऑस्ट्रेलिया का सबसे सम्मानित सैनिक गिरफ्तार

अफगानस्तान के युद्ध में वीरता की काफी चर्चा हुई थी

एजेंसियां

सिडनीः ऑस्ट्रेलियाई सैन्य इतिहास में मंगलवार का दिन एक बड़े भूचाल की तरह रहा, जब देश के सबसे प्रतिष्ठित और सम्मानित जीवित पूर्व सैनिक, बेन रॉबर्ट्स-स्मिथ को सिडनी हवाई अड्डे से गिरफ्तार कर लिया गया। यह गिरफ्तारी किसी साधारण मामले में नहीं, बल्कि मानवता को शर्मसार करने वाले उन संगीन आरोपों के आधार पर हुई है, जिन्होंने ऑस्ट्रेलियाई रक्षा बल की साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं। 47 वर्षीय रॉबर्ट्स-स्मिथ पर अफगानिस्तान में उनकी तैनाती के दौरान निहत्थे नागरिकों की निर्मम हत्या करने के पांच अलग-अलग आरोप तय किए गए हैं।

बेन रॉबर्ट्स-स्मिथ केवल एक सैनिक नहीं थे, बल्कि वे ऑस्ट्रेलिया के लिए एक पोस्टर बॉय और राष्ट्रीय नायक थे। 2006 से 2012 के बीच अफगानिस्तान में अपने छह सैन्य दौरों के दौरान असाधारण वीरता दिखाने के लिए उन्हें विक्टोरिया क्रॉस सहित कई सर्वोच्च सैन्य सम्मानों से नवाजा गया था। लेकिन, उनकी इस वीरता के पीछे छिपे अंधेरे पक्ष की पहली झलक 2018 में नाइन एंटरटेनमेंट समूह के अखबारों में छपी एक विस्तृत खोजी रिपोर्ट से मिली। लंबे समय तक चले कानूनी दांव-पेच और मानहानि के मुकदमों के बाद, अब ऑस्ट्रेलियाई संघीय पुलिस ने उनके खिलाफ औपचारिक आपराधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

एएफपी कमिश्नर क्रिसी बैरेट ने एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस में इन आरोपों की गंभीरता पर प्रकाश डाला। पुलिस के अनुसार, ये घटनाएं 2009 से 2012 के बीच की हैं। आरोप है कि जिन पांच अफगानी नागरिकों की हत्या की गई, वे युद्ध की किसी भी प्रत्यक्ष गतिविधि में शामिल नहीं थे। जांच में पाया गया कि ये पीड़ित निहत्थे थे और उन्हें पहले ही ऑस्ट्रेलियाई सैनिकों द्वारा हिरासत में ले लिया गया था।

कानूनन, हिरासत में लिए गए व्यक्ति की सुरक्षा की जिम्मेदारी सैन्य दल की होती है, लेकिन यहां नियमों की धज्जियां उड़ाई गईं। पुलिस का दावा है कि रॉबर्ट्स-स्मिथ ने या तो स्वयं इन निहत्थे लोगों पर गोलियां चलाईं, या फिर उनकी मौजूदगी में उनके आदेश पर उनके अधीनस्थ सैनिकों ने इस कृत्य को अंजाम दिया।

ऑस्ट्रेलियाई कानून के तहत, इन युद्ध अपराधों के लिए दोषी पाए जाने पर अधिकतम सजा आजीवन कारावास है। रॉबर्ट्स-स्मिथ ने शुरुआत से ही इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है और इसे अपनी छवि खराब करने की साजिश बताया है। हालांकि, सिडनी हवाई अड्डे पर हुई इस नाटकीय गिरफ्तारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पुलिस के पास अब पुख्ता सबूत मौजूद हैं। यह मामला न केवल एक व्यक्ति के पतन की कहानी है, बल्कि यह आधुनिक युद्ध के मैदान में नैतिकता और सैन्य अनुशासन की सीमाओं पर भी एक गंभीर बहस छेड़ता है।