उच्च न्यायालय ने सुनवाई के लिए 13 की तिथि तय की
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रिक्यूजल का मुद्दा दर्ज किया ग या
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अरविंद के खुद बहस पर आपत्ति उठी
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सीबीआई को भी नोटिस जारी किया गया
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को आबकारी नीति मामले को आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया। अदालत ने केंद्रीय जांच ब्यूरो को अरविंद केजरीवाल और अन्य आरोपियों द्वारा प्रस्तुत रिक्यूज़ल (न्यायाधीश को सुनवाई से हटने का अनुरोध) आवेदन पर अपना जवाब दाखिल करने की अनुमति दे दी है।
पीठ ने उन पक्षों को कड़ी चेतावनी भी दी जिन्होंने अभी तक सीबीआई की याचिका पर जवाब नहीं दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि जवाब दाखिल नहीं किया गया, तो उनका जवाब देने का अधिकार समाप्त किया जा सकता है। अदालत ने कहा, अगर आप आज भी अपना जवाब देते हैं, तो मैं इसे स्वीकार कर लूँगा।
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल मेहता ने कहा, मुझे उनके (केजरीवाल) व्यक्तिगत रूप से पेश होने पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन उन्होंने पहले ही वकील नियुक्त किया हुआ है। जब तक वह अपने वकील को कार्यमुक्त नहीं करते, वह स्वयं बहस नहीं कर सकते—यदि वह उपस्थित होना चुनते हैं, तो आगे केवल वही मामले का प्रतिनिधित्व करें।
अरविंद केजरीवाल ने अदालत को बताया, मैंने उच्च न्यायालय की प्रक्रिया के अनुसार रिक्यूज़ल आवेदन दायर किया है। व्यक्तिगत रूप से पेश होने वाला याचिकाकर्ता ई-फाइल नहीं कर सकता, इसलिए कृपया इसे रिकॉर्ड पर लिया जाए।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा को मामले से हटने की मांग करने वाली केजरीवाल की याचिका पर सीबीआई को नोटिस जारी किया है। केजरीवाल ने अदालत को सूचित किया कि वह इस आवेदन पर व्यक्तिगत रूप से बहस करेंगे। मामले की अगली सुनवाई 13 अप्रैल को होगी।