चुनाव प्रचार में गये नरेंद्र मोदी का ममता पर हमला
राष्ट्रीय खबर
कूचबिहारः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कूचबिहार में एक चुनावी रैली के दौरान पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर तृणमूल कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। पीएम मोदी ने मालदा जिले में एसआईआर ड्यूटी पर तैनात सात न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाए जाने की घटना का जिक्र करते हुए इसे राज्य में ध्वस्त होती कानून-व्यवस्था का प्रमाण बताया।
प्रधानमंत्री ने सभा को संबोधित करते हुए कहा, पूरे देश के नागरिक इस बात से स्तब्ध थे कि मालदा में न्यायिक अधिकारियों को कैसे बंधक बना लिया गया। यह कैसी सरकार है जहाँ न्यायाधीश और संवैधानिक अधिकारी भी सुरक्षित नहीं हैं? यदि वे ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता खुद को सुरक्षित कैसे महसूस कर सकती है? उन्होंने बंगाल की वर्तमान स्थिति को जंगलराज करार देते हुए कहा कि हालात इस हद तक बिगड़ चुके हैं कि खुद उच्चतम न्यायालय को हस्तक्षेप करना पड़ा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची के एसआईआर का मुख्य उद्देश्य अवैध प्रवासियों की पहचान करना है।
प्रधानमंत्री ने टीएमसी के घोषणापत्र के लिए इश्तहार शब्द के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, बंगाली शब्द का उपयोग करने के बजाय, उन्होंने इश्तहार शब्द का उपयोग किया है, जो इस बात पर सवाल उठाता है कि वे बंगाल की पहचान का प्रतिनिधित्व कैसे कर रहे हैं। टीएमसी कार्यकर्ताओं को चेतावनी देते हुए पीएम मोदी ने कहा, मतदान के दिन आपको कानून पर भरोसा करना होगा… एबार बांग्ला थेके भय पालाबे (इस बार बंगाल से डर भाग जाएगा)। इस चुनाव के बाद, उनके कार्यों की पूरी जवाबदेही तय की जाएगी… चुन-चुन के हिसाब किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि मालदा में कालियाचक घेराव के दौरान कथित तौर पर ड्यूटी में लापरवाही बरतने के मामले में जिला प्रशासन ने एक अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है, जबकि राष्ट्रीय जांच एजेंसी अपनी जांच जारी रखे हुए है। यह घटनाक्रम बंगाल की राजनीति में गरमाए हुए चुनावी माहौल के बीच सुरक्षा और प्रशासनिक निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।