इस व्यक्ति को मानसिक ईलाज की जरूरतः नवीन पटनायक
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सीआईए एजेंट बता दिया था
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बयान को अपमानजनक माना
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दिमागी तौर पर शून्य है यह
राष्ट्रीय खबर
भुवनेश्वरः ओडिशा की राजनीति में उस समय भूचाल आ गया जब बीजद अध्यक्ष और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार किया। नवीन पटनायक ने कहा कि निशिकांत दुबे को स्वतंत्रता सेनानी और ओडिशा के महानायक बीजू पटनायक के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करने के लिए किसी मानसिक डॉक्टर की सलाह की जरूरत है।
विवाद की शुरुआत तब हुई जब निशिकांत दुबे ने दावा किया कि 1960 के दशक में चीन के साथ युद्ध के दौरान बीजू पटनायक, तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए के बीच एक कड़ी के रूप में काम कर रहे थे। दुबे के इस दावे ने ओडिशा के राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है।
ओडिशा विधानसभा में विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने अपने पिता की विरासत का बचाव करते हुए 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान उनकी साहसिक भूमिका को याद किया। उन्होंने कहा, दुबे की टिप्पणी न केवल अपमानजनक है बल्कि इतिहास की उनकी शून्य समझ को भी दर्शाती है। बीजू पटनायक एक निडर पायलट और देशभक्त थे, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का मान बढ़ाया था।
निशिकांत दुबे के बयान के विरोध में बीजद के वरिष्ठ नेता सस्मित पात्रा ने संसदीय समितियों से इस्तीफा दे दिया है और दुबे से बिना शर्त माफी की मांग की है। बीजद नेताओं ने भाजपा सांसद पर ओडिशा के गौरव का अपमान करने का आरोप लगाया है। राज्य भर में इस टिप्पणी को लेकर विरोध प्रदर्शनों की संभावना जताई जा रही है, क्योंकि बीजू पटनायक को ओडिशा में केवल एक नेता नहीं बल्कि एक संस्था के रूप में देखा जाता है।