Hazaribagh Ram Navami Dangal: हजारीबाग में रामनवमी पर दंगल का आयोजन, देश-विदेश के पहलवानों ने दिखाया दम
हजारीबागः बदलते समय में अखाड़ा की परंपरा भी समाप्त होती जा रही है. दंगल का आयोजन बेहद कम होता जा रहा है. हजारीबाग में रामनवमी के दौरान दंगल का आयोजन किया गया. जिसमें शामिल होने के लिए देश के कोने-कोने से पहलवान पहुंचे हैं. यही नहीं एक पहलवान हिस्सा लेने के लिए नेपाल से भी पहुंचा है. दंगल कराने का मुख्य उद्देश्य युवाओं को स्वास्थ्य पर ध्यान देने और नशा से दूर रहने के लिए जागरूक करना है.
हजारीबाग में रामनवमी के अवसर पर बड़ा अखाड़ा में दंगल का आयोजन किया गया. जहां पहलवान एक-दूसरे को पटखनी देते नजर आ रहे हैं. दंगल में नेपाल, हरियाणा, पंजाब, बनारस और हजारीबाग के भी पहलवानों ने भाग लिया है. बाहर से आए पहलवानों ने कहा कि हजारीबाग की रामनवमी के बारे में पहले टीवी और अखबारों में पढ़ा था. पहली बार देखा तो ऐसा लगता है कि हजारीबाग भी अयोध्या से कम नहीं है.
हजारीबाग की रामनवमी को खास बनाने के लिए प्रयास किए जा रहे है. इसी क्रम में रामनवमी संरक्षण समिति ने बड़ा अखाड़ा परिसर में दंगल का आयोजन किया गया है. समिति के अध्यक्ष प्रशांत प्रधान ने बताया कि आजकल के युवा नशा की गिरफ्त में जा रहे हैं. ऐसे में उन्हें जागरूक करने के लिए दंगल का आयोजन किया गया है. हजारीबाग में रामनवमी के दौरान युवा शक्ति प्रदर्शन करते हुए कई कार्यक्रम का आयोजन करते हैं. इसी को देखते हुए पहली बार यहां दंगल का आयोजन किया गया है.
दंगल में हिस्सा लेने के लिए कई राज्यों से पहलवान हजारीबाग पहुंचे हैं. दो दिन के इस आयोजन में भरपूर मनोरंजन देखने को मिलेगा. कोशिश की जा रही है कि फिर से अखाड़े की परंपरा की शुरुआत की जाए. स्थानीय लोगों ने भी इस कार्यक्रम का स्वागत किया और कहा कि दंगल का आयोजन करने से स्थानीय पहलवानों को भी मौका मिल रहा है. दंगल का लुत्फ उठाने के लिए महापौर अरविंद कुमार बड़ा अखाड़ा पहुंचे. उन्होंने कहा कि यह भारत की संस्कृति का अंग है.
पहलवानी एक समय देश की पहचान हुआ करती थी. बदलते समय के साथ अखाड़ा भी विलुप्त होता चला गया. कहीं न कहीं रामनवमी के जरिए हजारीबाग में फिर से अखाड़ा को जीवित करने की कोशिश की जा रही है.