Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Ludhiana Bike Thieves Arrested: लुधियाना में वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश; हैबोवाल पुलिस ने 3 चोरी की ... Gurdaspur Crime News: गुरदासपुर में सरपंच के सूने घर में दिनदहाड़े हुई चोरी सुलझी; मुकेरियां का आरोप... SGPC vs Punjab Government: श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी से जुड़े कानून में बदलाव पर भड़के हरजिंदर सिंह ध... Ludhiana Vigilance Action: लुधियाना में विजिलेंस का बड़ा एक्शन; PSPCL के पूर्व CMD केडी चौधरी सहित 3... Bathinda Weather Alert: बठिंडा में गर्मी का भयंकर रूप, पारा 47 डिग्री पार; तपती धूप से पिघलने लगी सड... Punjabi Singer Khan Saab Injured: पंजाबी सिंगर खान साब शूटिंग के दौरान हुए हादसे का शिकार; सिर पर आई... Bahadurgarh PM Shri School: प्राइवेट स्कूलों पर भारी पड़ा बहादुरगढ़ का सरकारी स्कूल; 12वीं में 50 बच... Yamunanagar Court Decision: यमुनानगर में 3 साल की बेटी की हत्यारी मां को उम्रकैद; जज डॉ. सुखदा प्रीत... Kurukshetra Student Death in Canada: कुरुक्षेत्र के छात्र वीरेन रंगा की कनाडा में संदेहास्पद मौत; कम... Haryana Education Department: हरियाणा में सरकारी शिक्षकों-कर्मचारियों को झटका; 22 मई तक प्रॉपर्टी रि...

शुल्क घटा पर पेट्रोल के दाम में कमी नहीं

तमाम किस्म की अफवाहों पर विराम लगाने की दूसरी पहल

  • सरकार पर वित्तीय बोझ और उद्देश्य

  • तेल कंपनियों को राहत देने की पहल

  • कई केंद्रीय मंत्रियों का दृष्टिकोण

राष्ट्रीय खबर

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में गहराते युद्ध और आपूर्ति श्रृंखला में संभावित व्यवधानों की चिंताओं के बीच, केंद्र सरकार ने आम जनता और अर्थव्यवस्था को राहत देने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले केंद्रीय उत्पाद शुल्क में भारी कटौती की घोषणा की है। इस निर्णय के तहत, पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 13 से घटाकर मात्र 3 रुपया प्रति लीटर कर दिया गया है, जबकि डीजल पर इसे 10 से घटाकर शून्य कर दिया गया है।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों के कारण तेल कंपनियों को भारी नुकसान हो रहा था (पेट्रोल पर लगभग 24 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 30 रुपये प्रति लीटर।

सरकार ने अपने कर राजस्व में बड़ी कटौती का जोखिम इसलिए उठाया है ताकि इन कंपनियों के घाटे को कम किया जा सके और घरेलू बाजार में ईंधन की किल्लत न हो। साथ ही, सरकार ने एक निर्यात शुल्क भी लागू किया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भारतीय रिफाइनरियां केवल मुनाफे के लिए विदेश में ईंधन का निर्यात न करें, बल्कि पहले घरेलू जरूरतों को पूरा करें।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी कि घरेलू खपत के लिए उत्पाद शुल्क में ₹10 प्रति लीटर की प्रभावी कटौती की गई है। उन्होंने कहा, यह कदम उपभोक्ताओं को अंतरराष्ट्रीय कीमतों की अस्थिरता और आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती लागत से सुरक्षा प्रदान करेगा। उन्होंने यह भी बताया कि विमान ईंधन के निर्यात शुल्क में भी वृद्धि की गई है ताकि देश के भीतर इसकी पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे।

वहीं, गृह मंत्री अमित शाह ने इस निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि जब पूरी दुनिया ईंधन की कमी और बढ़ती कीमतों से जूझ रही है, तब मोदी सरकार का यह फैसला नागरिकों को बहुत जरूरी राहत प्रदान करेगा।

उत्पाद शुल्क में इस कटौती का सीधा अर्थ है कि सरकार प्रति लीटर ईंधन पर अब बहुत कम कर वसूलेगी। हालांकि, अभी तक तेल विपणन कंपनियों या सरकार की ओर से खुदरा कीमतों में तत्काल बदलाव की कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आधार मूल्य में कमी आती है, तो परिवहन सस्ता होगा, जिससे अंततः दैनिक उपभोग की वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में गिरावट आ सकती है, जो मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने में सहायक होगा।