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रामबन के पास भूस्खलन से यातायात बाधित

जम्मू कश्मीर में फिर से पर्यटकों की परेशानी बढ़ी

राष्ट्रीय खबर

श्रीनगरः जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच 44) कल भीषण भूस्खलन और चट्टानें गिरने के कारण साढ़े पांच घंटे से अधिक समय तक बंद रहा। इस बीच, कल रात डोडा और किश्तवाड़ की ऊपरी पहाड़ियों पर बारिश और हल्की बर्फबारी की भी खबर मिली है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि आज मौसम साफ होने के बावजूद, चंद्रकोट के पास करोल में भारी पत्थरों और चट्टानों के सड़क पर गिरने से राजमार्ग अवरुद्ध हो गया। पुलिस और यातायात कर्मियों ने भूस्खलन से ठीक कुछ मिनट पहले यातायात रोक दिया था, जिससे कोई अप्रिय घटना नहीं हुई और जान-माल का नुकसान टल गया।

चट्टानें गिरने और भूस्खलन के कारण राजमार्ग की दोनों लेन बंद हो गई थीं। व्यस्त राजमार्ग पर जाम से बचने के लिए अधिकारियों ने चंद्रकोट, नाशरी, चेनानी और उधमपुर के साथ-साथ रामबन, रामसू और बनिहाल के बाहरी इलाकों में वाहनों की आवाजाही रोक दी थी।

सूचना मिलते ही एसएसपी ट्रैफिक राजा आदिल हमीद और उपायुक्त रामबन मोहम्मद इलियास खान, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे। सड़क साफ करने के कार्य के लिए तत्काल मशीनों को बुलाया गया।

पहाड़ की ओर वाली एक लेन दो दिन पहले हुए हल्के भूस्खलन के कारण पहले से ही आंशिक रूप से बंद थी और अधिकारी कल से यातायात को सिंगल लेन की ओर मोड़ रहे थे। लेकिन आज दोपहर करीब 2 बजे हुए ताजा भूस्खलन से दोनों लेन बंद हो गईं। कई मशीनों की तैनाती के बाद शाम करीब 7:40 बजे एक लेन को साफ किया जा सका।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, करोल, चंद्रकोट में एक लेन साफ कर दी गई है और यातायात बहाल कर दिया गया है। उन्होंने आगे कहा कि दोनों तरफ के वाहनों को इस चालू लेन से गुजरने की अनुमति दी जा रही है। उपायुक्त रामबन इलियास खान ने करोल और चंद्रकोट के बीच भूस्खलन के तुरंत बाद सड़क सफाई कार्यों की निगरानी की।

प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और सभी संबंधित पक्षों की सक्रिय भागीदारी के कारण कल देर शाम राजमार्ग के दोनों ओर यातायात बहाल कर दिया गया। इस बीच, सड़क की सुरक्षा और मजबूती सुनिश्चित करने के लिए रखरखाव और सुदृढ़ीकरण का कार्य निरंतर जारी है। जिला प्रशासन ने ड्राइवरों और यात्रियों को प्रभावित हिस्से पर यात्रा करते समय सावधानी बरतने और अधिकारियों द्वारा जारी यातायात दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने की सलाह दी है।

किश्तवाड़ और डोडा से मिली रिपोर्टों के अनुसार, क्षेत्र की कुछ ऊपरी पहाड़ियों पर बारिश और हल्की बर्फबारी हुई है। सिंथन टॉप पर भी हल्की बर्फबारी दर्ज की गई और किश्तवाड़-कोकरनाग सड़क लगातार बंद रही। रिपोर्टों में कहा गया है कि पीर पंजाल की ऊंची चोटियों पर भी सुबह के समय हल्की बर्फबारी हुई।