Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Jharkhand CBSE 10th Toppers: कोल्हान में जम्पाना श्रेया का जलवा! 10वीं में किया टॉप, एक क्लिक में दे... Jharkhand CBSE 10th Toppers: कोल्हान में जम्पाना श्रेया का जलवा! 10वीं में किया टॉप, एक क्लिक में दे... Jharkhand Crime: धनबाद में दिनदहाड़े गैंगवार! कोयला कारोबारी की गाड़ी पर अंधाधुंध फायरिंग, गोलियों क... Jharkhand Crime: खूंटी में दरिंदगी! आदिवासी बच्ची के साथ दुष्कर्म कर आरोपी हुआ फरार, पॉक्सो एक्ट के ... Jharkhand High Court Action: बोकारो के चर्चित 'पुष्पा केस' में हाईकोर्ट की बड़ी सख्ती! DNA जांच के ल... Dhanbad Crime News: एंबुलेंस के जरिए हो रही थी अवैध शराब की तस्करी, पुलिस ने किया बड़ा खुलासा; चालक ... Jharkhand News: ट्रेजरी घोटाले के बाद प्रशासन सख्त, होमगार्ड्स के वेतन निकासी को लेकर नई गाइडलाइंस ज... Jharkhand Crime: दुमका में विवाहिता की मौत पर सनसनी! पिता की FIR के बाद एक्शन में आई पुलिस, आरोपी दा... CG Crime News: धमतरी में सरेआम गुंडागर्दी! पेशी पर आए राजस्थान के युवकों की दौड़ा-दौड़ाकर पिटाई, दुक...

अमेरिका के ‘शांति प्लान’ पर ईरान का पानी! अब मुज्तबा के इशारों पर होगा युद्धविराम; बाइडेन की कोशिशें फेल, मिडिल ईस्ट में फिर तनाव

ईरान ने डोनाल्ड ट्रंप के सीजफायर प्लान पर पानी फेर दिया है. दरअसल, ट्रंप प्रशासन ईरान संसद के स्पीकर मोहम्मद गालिबफ के जरिए ईरान में अपना हित साधने की कोशिश कर रहा था. इसके लिए ट्रंप प्रशासन ने एक प्लान तैयार किया था. इस प्लान के मुताबिक ईरान से गालिबफ को आगे कर सीजफायर किया जाएगा. ट्रंप प्रशासन इसके लिए गालिबफ से संपर्क भी साध रहा था. पॉलिटिको के मुताबिक अमेरिका की कोशिश गालिबफ के नाम को को ईरान के सर्वोच्च नेता के तौर पर प्रोजेक्ट करने की भी थी. ट्रंप प्रशासन को लग रहा है कि गालिबफ अब एक मात्र मजबूत नेता हैं, जिनकी पकड़ ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स में मजबूत है.

खुद ट्रंप गालिबफ को साधने के लिए उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को उनसे बात करने के लिए भेजने को तैयार बताए जा रहे हैं, लेकिन इससे पहले ईरान के सुप्रीम लीडर मुज्तबा ने गेम कर दिया.

बाकेर जोलकद्र को बनाया नया NSA

फारस न्यूज के मुताबिक बाकेर जोलकद्र को ईरान सर्वोच्च परिषद का नया सचिव नियुक्त किया गया है. सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई की सिफारिश पर ईरान के राष्ट्रपति ने जोलकद्र को नियुक्त किया है. जोलकद्र इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड के जनरल रह चुके हैं. जोलकद्र ईरान के सुप्रीम लीडर रहे अली खामेनेई के करीबी माने जाते रहे हैं.

1989 में खामेनेई जब पहली बार ईरान के सुप्रीम लीडर नियुक्त हुए थे, तो उस वक्त उन्होंने जोलकद्र को IRGC में जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ का पद दिया था. वर्तमान में नीतिगत मामलों में बाकेर सरकार और सुप्रीम लीडर को सलाह दे रहे थे. जोलकद्र को ईरान सुप्रीम लीडर के परिवार का भरोसेमंद माना जाता है.

सवाल- यह नियुक्ति अहम क्यों है?

1. मुज्तबा खामेनेई ने बाकेर की नियुक्ति से एक संदेश देने की कोशिश की है. संदेश यह कि ईरान का पूरा सिस्टम एक्टिव है. यहां कोई व्यक्ति विशेष नहीं है. कोई भी फैसला एक सिस्टम के जरिए होगा. मुज्तबा इस सिस्टम को लीड कर रहे हैं. भले ईरान के कितने भी टॉप लीडर चले जाए.

2. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा- मुझे नहीं पता कि सुप्रीम लीडर समझौते को लेकर क्या चाहते हैं? सुप्रीम लीडर का संदेश आ जाए, तो फिर चीजें स्पष्ट हो पाएगी. खामेनेई ने बीते दिनों युद्ध विराम को लेकर बयान जारी किया था. इसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका को इसके लिए पहले माफी मांगनी पड़ेगी.

अमेरिका का सीजफायर प्लान है?

एक्सियोस के मुताबिक ट्रंप प्रशासन ने यह तय किया है कि ईरान में जो सबसे पावरफुल नेता हैं, उसे कन्फिडेंस में लिया जाए. इसके लिए ट्रंप प्रशासन ने गालिबफ का नाम तय किया है. गालिबफ से सीधे अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस बात करेंगे. हालांकि, अभी तक यह तय नहीं हुआ है कि गालिबफ से कब बात की जाएगी?

Politico ने व्हाइट हाउस के सूत्रों के हवाले से बताया है कि ट्रंप प्रशासन गालिबफ को ही ईरान के सर्वोच्च नेता के तौर पर देख रहे हैं.