Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Durg Road Accident: नेशनल हाईवे-53 पर तेज रफ्तार ट्रेलर का कहर; बाइक सवार युवक की जलकर दर्दनाक मौत Vijay Sharma Press Conference: दुर्ग में बोले डिप्टी सीएम विजय शर्मा; बस्तर की तर्ज पर दुर्ग संभाग म... Cyber Fraud in Raipur: वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सलीम राज का व्हाट्सएप हैक; ठगों ने नाम का इस्तेमाल कर ... Dhamtari Crime News: सूने मकानों को निशाना बनाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश; 8 आरोपी गिरफ्ता... Hazaribagh Road Accident: चरही घाटी में पलटा कोल्ड ड्रिंक से लदा ट्रक; केबिन में फंसे चालक को घंटों ... PM Modi 12 Years: बीजेपी ने मनाई 'प्रगतिपथ यात्रा'; रांची में नित्यानंद राय ने गिनाईं केंद्र सरकार क... चुनावी मौसम का हथियार बन गयी केंद्रीय एजेंसियां Palamu News: रेड कॉरिडोर अब 'ग्रीन ग्रोथ जोन' बन रहा है; सांसद विष्णुदयाल राम ने गिनाईं केंद्र सरकार... Palamu News: विनीत तिवारी हत्याकांड का आरोपी दिलीप तिवारी पुलिस रिमांड पर; जमीन विवाद का हुआ खुलासा JPSC Jharkhand Eligibility Test 2024: रांची के 5 केंद्रों पर शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई परीक्षा,...

हिमाचल में ‘कंगाली’ की नौबत! सीएम सुक्खू समेत मंत्रियों और विधायकों की सैलरी पर चली कैंची; खुद मुख्यमंत्री ने बताया क्यों लिया यह बड़ा फैसला?

हिमाचल प्रदेश गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा है. ऐसे में सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राजनीतिक कार्यपालिका और वरिष्ठ नेताओं के वेतन के एक हिस्से में अस्थायी देरी की घोषणा की. इस फैसले के तहत अगले 6 महीनों के लिए मुख्यमंत्री के अपने वेतन का 50 प्रतिशत, उपमुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्रियों के वेतन का 30 प्रतिशत और विधायकों के वेतन का 20 प्रतिशत हिस्सा स्थगित किया जाएगा.

सुखू ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का बजट पेश करते हुए ये घोषणा की. यह घोषणा राजस्व घाटा अनुदान (revenue deficit grant) के बंद होने के बाद की गई है. इससे राज्य के वित्त पर अतिरिक्त दबाव पड़ा है. बाद में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि हिमाचल के सीएम ने कहा कि ये कदम अस्थायी है और आश्वासन दिया कि वित्तीय स्थिति में सुधार होते ही रोकी गई राशि लौटा दी जाएगी. उन्होंने कहा कि ये देरी राजनीतिक रूप से नियुक्त व्यक्तियों और टॉप नौकरशाहों पर भी लागू होगी.

किस पोस्ट में कितनी कटौती?

बोर्ड और निगम के अध्यक्षों, उपाध्यक्षों और उपाध्यक्षों के साथ ही सलाहकारों के लिए 20 प्रतिशत की कटौती की घोषणा की गई है. अधिकारियों में मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिवों, प्रधान सचिवों, पुलिस महानिदेशक और अतिरिक्त डीजीपी पर 30 प्रतिशत की कटौती लागू होगी.

किन्हें दी गई है छूट?

इसके अलावा, सेक्रेटरी, विभागों के प्रमुख, IG, DIG, SSP और उनके बराबर के रैंक वाले अधिकारियों की सैलरी में 20 प्रतिशत की देरी होगी, जबकि ग्रुप A और ग्रुप B के अधिकारियों की सैलरी में छह महीने के लिए 3 प्रतिशत की देरी होगी. सुखू ने कहा कि ग्रुप C और ग्रुप D के कर्मचारियों को इस कदम से छूट दी गई है और उन्हें अपनी पूरी सैलरी मिलती रहेगी. आर्थिक तंगी के बावजूद बजट में कई राहत उपायों को शामिल किया गया है.

जिन मेडिकल अधिकारियों की नौकरी अभी पक्की नहीं हुई है, उनकी मासिक सैलरी 33,600 रुपये से बढ़ाकर 40,000 रुपये कर दी गई है. वहीं, स्टाफ नर्स, लैब टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट और ऑपरेशन थिएटर टेक्नीशियन की सैलरी को एक समान करके 25,000 रुपये तय कर दिया गया है.

रोजाना मजदूरी करने वालों की मजदूरी में 25 रुपये की बढ़ोतरी होगी, जबकि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और आशा कार्यकर्ताओं के मासिक मानदेय में 1,000 रुपये की बढ़ोतरी होगी. मिड-डे मील कार्यकर्ताओं, पानी लाने वालों, जल रक्षकों, बहुउद्देशीय और बहु-कार्य करने वाले कर्मचारियों, पंचायत चौकीदारों और स्कूल प्रबंधन शिक्षकों को हर महीने 500 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे.