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पूर्व एफबीआई प्रमुख रॉबर्ट मुलर की मृत्यु

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान की वैश्विक निंदा

वाशिंगटनः डोनाल्ड ट्रंप के कट्टर विरोधी माने जाने वाले वियतनाम युद्ध के नायक और पूर्व एफबीआई प्रमुख रॉबर्ट मुलर का 81 वर्ष की आयु में निधन हो गया। इसके बाद ट्रंप की विवादित टिप्पणी पर मचा राजनीतिक घमासान मच गया है। रॉबर्ट मुलर ने साल 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों में कथित रूसी हस्तक्षेप की जांच का नेतृत्व किया था। मुलर एक सम्मानित मरीन अधिकारी थे, जिन्हें वियतनाम युद्ध में वीरता के लिए ब्रोंज स्टार और पर्पल हार्ट से नवाजा गया था। डोनाल्ड ट्रंप ने मुलर के निधन पर खुशी जताते हुए उन्हें बुरा व्यक्ति कहा, जिसकी चौतरफा आलोचना हो रही है।

उनके निधन की पुष्टि इस मामले से परिचित दो करीबी सूत्रों के हवाले से की गई है। मुलर को आधुनिक अमेरिकी इतिहास में एक ऐसे व्यक्तित्व के रूप में जाना जाता है, जिन्होंने कानून के शासन और निष्पक्ष जांच के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता से एक मिसाल कायम की थी।

रॉबर्ट मुलर का नाम वैश्विक स्तर पर तब सबसे अधिक चर्चा में आया, जब उन्हें 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रूसी हस्तक्षेप के आरोपों की जांच के लिए विशेष अभियोजक नियुक्त किया गया था। इस जांच ने तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन की नींव हिला दी थी। हालांकि, मुलर का योगदान केवल इस जांच तक सीमित नहीं था; उन्होंने एक दशक से अधिक समय तक एफबीआई के निदेशक के रूप में भी देश की सेवा की थी।

मुलर के निधन की खबर के बाद, पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बेहद विवादित बयान दिया, जिसने पूरे अमेरिका में राजनीतिक भूचाल ला दिया है। ट्रंप ने शनिवार को अपनी प्रतिक्रिया में कहा, अच्छा हुआ, मुझे खुशी है कि वह मर गया। अब वह निर्दोष लोगों को और नुकसान नहीं पहुंचा पाएगा। ट्रंप की इस टिप्पणी को सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में शर्मनाक और घृणित बताया जा रहा है।

पूर्व मरीन और सीनेट उम्मीदवार सेठ मौल्टन ने ट्रंप पर निशाना साधते हुए कहा, चाहे आप राष्ट्रपति का समर्थन करें या न करें, आप जानते हैं कि यह टिप्पणी घृणित है। रॉबर्ट मुलर ने इस देश के लिए लड़ते हुए एक मरीन के रूप में ब्रोंज स्टार और पर्पल हार्ट अर्जित किया था। वह एक महान अमेरिकी थे, जबकि डोनाल्ड ट्रंप एक भयानक इंसान और अमेरिका के लिए शर्मिंदगी हैं।

मुलर और ट्रंप के चरित्र का विरोधाभास मुलर के समर्थकों ने इस दुखद घड़ी में उनके और ट्रंप के जीवन के बीच के अंतर को भी रेखांकित किया। जहां डोनाल्ड ट्रंप ने वियतनाम युद्ध के दौरान पांच बार सैन्य सेवा से छूट (ड्राफ्ट डेफरमेंट) प्राप्त की थी, वहीं मुलर ने प्रिंसटन विश्वविद्यालय से स्नातक होने के बाद स्वेच्छा से मरीन कोर में शामिल होने का फैसला किया था। मुलर ने अपने घायल घुटने के ठीक होने के लिए एक साल तक इंतजार किया ताकि वह युद्ध के मैदान में उतर सकें।

कलाकार एंड्रिया जंकर ने अपनी श्रद्धांजलि में लिखा, चरित्र का ढोंग नहीं किया जा सकता और अखंडता खरीदी नहीं जा सकती। आप चाहे अपनी इमारतों पर अपना नाम कितनी भी बार लिखवा लें, मुलर जैसे सच्चे लोक सेवक का स्थान इतिहास में सदैव सुरक्षित रहेगा। मुलर को उनके साहस, शांत स्वभाव और कानून के प्रति उनके सम्मान के लिए हमेशा याद किया जाएगा।