Vanachi Estate Dispute: केरल सरकार बेचेगी एमपी का वानाची स्टेट? कांग्रेस ने पेश किया विकास का नया मॉडल; जानें क्या है पूरा विवाद
इंदौर : पर्यटन के लिहाज से देश के समृद्ध राज्य केरल में जमीन की कीमत आसमान छू रही हैं. वहीं मध्य प्रदेश सरकार केरल में मौजूद अपनी 577 एकड़ जमीन सस्ती दरों पर बेचने जा रही. जमीन की बिक्री का कैबिनेट में फैसला हो चुका है. आजादी के पहले अंग्रेजों के जमाने से 224.31 हेक्टेयर यह जमीन मध्य प्रदेश राज्य के हिस्से में आई थी, जिसे केरल में बनाची स्टेट नाम से जाना जाता है.
सरकारी गाइडलाइन पर बेचने का विरोध
मध्य प्रदेश सरकार का कहना है कि जमीन के 64.95 हेक्टेयर जमीन पर 160 आदिवासी परिवारों का कब्जा है. कब्जे का यह मामला बीते दिनो कोर्ट में भी गया था, जिसमें केरल सरकार ने मध्य प्रदेश सरकार को इसका हल निकालना के लिए प्रस्ताव भेजा था. हालांकि इसके बाद राज्य के वित्त विभाग ने बेशकीमती जमीन से कोई आय न होने के नाम पर इसे सरकारी गाइडलाइन के भाव से बेचने का प्रस्ताव कैबिनेट में रख दिया.
मंत्री प्रहलाद पटेल भी उतरे विरोध में
इस बीच यह मामला राज्य के मंत्री पहलाद पटेल के संज्ञान में आया तो उन्होंने वित्त विभाग से इसे बेचने का कारण पूछा था. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रहलाद पटेल को स्पष्ट किया कि जमीन पर कब्जे हैं और उससे कोई भी आय प्राप्त नहीं हो रही है. इसके बाद कैबिनेट में आए इस फैसले पर सरकार ने जमीन को गाइडलाइन की दरों से बेचने के फैसले को मंजूरी दे दी. माना जा रहा है कि मध्य प्रदेश गाइडलाइन की दरों पर ये जमीन केरल सरकार को बेचने पर सहमति दे सकती है.
कांग्रेस नेता ने पीएम मोदी को लिखा पत्र
मध्य प्रदेश की इस जमीन को बचाने की मांग प्रधानमंत्री से की गई है. इंदौर के कांग्रेस नेता राकेश सिंह यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर कैबिनेट के फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की है. वायानाड की सांसद प्रियंका गांधी से भी हस्तक्षेप की मांग की गई है. कांग्रेस नेता राकेश यादव का कहना है “इस जमीन को गाइडलाइन में बेचने की स्थिति में राज्य को मात्र 700 करोड रुपए मिलेंगे. यदि इसे विकसित करके इसका विक्रय किया जाए तो 6000 करोड़ की आय मध्य प्रदेश सरकार को हो सकती है.”
सौ गुना से ज्यादा आय हो सकती है
कांग्रेस नेता राकेश यादव का कहना है “केरल राज्य के वायनाड जिले के सुल्तान बाथेरी स्थित बानाची एस्टेट की हजारों करोड़ रुपये मूल्य की भूमि को यदि खुली एवं प्रतिस्पर्धात्मक वैश्विक टेंडर प्रक्रिया अपनाने पर संभावित मूल्य ₹2400 करोड़ या उससे अधिक हो सकता है. भूमि को विकसित कर चरणबद्ध विक्रय करने पर ₹6000 करोड़ से अधिक राजस्व प्राप्त होने की संभावना है. इतनी बहुमूल्य संपत्ति को कम मूल्य पर बेचना प्रदेश की आर्थिक क्षति होगी.”
केरल में मध्य प्रदेश का कैसा है बानाची एस्टेट
बानाची एस्टेट की केरल के वायनाड में कुल भूमि लगभग 577 एकड़. इसका स्वामित्व मध्य प्रदेश सरकार के पास है. ये जमीन पर जंगल और प्राकृतिक पहाड़ी क्षेत्र में है. जमीन की फिलहाल उपयोग श्रेणी फॉरेस्ट लैंड है. जिस पर110–120 एकड़ क्षेत्र में घना जंगल है. इस इलाके की लगभग 60–70% भूमि आर्थिक रूप से अनुपयोगी है.
कांग्रेस नेता राकेश यादव का कहना है “राज्य सरकार के मुताबिक इस जमीन से फिलहाल 1.2 करोड रुपए की आय प्राप्त हो रही है. मध्य प्रदेश की जनता की संपत्ति का उपयोग ऐसा होना चाहिए जिससे राज्य को स्थायी आय, युवाओं को रोजगार और भविष्य की आर्थिक सुरक्षा मिल सके.”
जमीन पर इस तरह के मॉडल का सुझाव
कांग्रेस नेता राकेश यादव ने बताया “कई मॉडल हैं, जिससे जमीन भी बच सकती है. साथ ही राज्य सरकार को हर साल बड़ी आय प्राप्त हो सकती है. इसके लिए कुछ प्रस्ताव भी राज्य सरकार को भिजवाए हैं. सबसे लाभकारी मॉडल हैं, लांग टर्म लीज डेवलपमेंट (30–60 वर्ष).”
- जमीन का स्वामित्व सरकार के पास रहेगा. वार्षिक किराया + रेवेन्यू शेयर, स्थायी राजस्व स्रोत.
- संभावित उपयोग इको-टूरिज्म एवं वेलनेस ज़ोन (230 एकड़)
- इको रिसॉर्ट आयुर्वेद वेलनेस सेंटर, एडवेंचर टूरिज्म से संभावित आय : ₹60–80 करोड़/वर्ष
- ऑर्गेनिक प्लांटेशन एवं प्रोसेसिंग (200 एकड़), कॉफी एवं मसाला खेती, Export Branding-MP Estate Coffee (Wayanad Origin) से संभावित आय: ₹15–25 करोड़/वर्ष.
- कार्बन क्रेडिट एवं संरक्षण क्षेत्र (100 एकड़) अंतरराष्ट्रीय कार्बन ऑफसेट परियोजना. संभावित आय: ₹8–15 करोड़/वर्ष.
- स्किल एवं हॉस्पिटैलिटी ट्रेनिंग हब (47 एकड़), पर्यटन एवं आतिथ्य प्रशिक्षण, युवाओं के लिए रोजगार अवसर. संभावित आय: ₹5–10 करोड़/वर्ष.
- कुल संभावित वार्षिक आय ₹ 90–130 करोड़ प्रति वर्ष, वर्तमान आय से लगभग 100 गुना अधिक वृद्धि.
- PPP मॉडल लागू होने पर लगभग 10,000 युवाओं को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना.