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One Nation One Election: अब मानसून सत्र में आएगा ‘महा-फैसला’! JPC की समय सीमा फिर बढ़ी; क्या 2027 में एक साथ होंगे चुनाव?

लोकसभा ने बुधवार (18 मार्च) को वन नेशन, वन इलेक्शन से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयक पर विचार कर रही संयुक्त संसदीय समिति (JPC) को अपनी रिपोर्ट पेश करने के लिए अतिरिक्त समय दे दिया. सदन ने समिति की रिपोर्ट के लिए कार्यकाल बढ़ा दिया है. अब समिति अपनी रिपोर्ट 2026 के मॉनसून सत्र के अंतिम सप्ताह के पहले दिन तक प्रस्तुत कर सकेगी.

इस संबंध में प्रस्ताव समिति के अध्यक्ष पीपी चौधरी द्वारा सदन में पेश किया गया था जिसे मंजूरी मिल गई. उन्होंने सदन से अनुरोध किया कि न्यायिक परिषद को संविधान (एक सौ उनतीसवां संशोधन) विधेयक, 2024 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2024 पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए और समय दिया जाए.

पीपी चौधरी ने किया अनुरोध

पीपी चौधरी ने प्रस्ताव पेश करते हुए कहा ‘इस सदन से ‘संविधान (एक सौ उनतीसवां संशोधन) विधेयक, 2024 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2024′ पर संयुक्त समिति की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए समय को मानसून सत्र, 2026 के अंतिम सप्ताह के पहले दिन तक बढ़ाने का अनुरोध किया जाता है’.

2024 में लोकसभा में पेश किया गया था विधेयक

यह विधेयक दिसंबर 2024 में लोकसभा में पेश किया गया था. विधेयक को आगे की जांच के लिए दोनों सदनों की संयुक्त समिति को भेजा गया था. संविधान (एक सौ उनतीसवां संशोधन) विधेयक, 2024, प्रस्तावित सुधार से जुड़ा है जिसे लोकप्रिय रूप से एक राष्ट्र, एक चुनाव के नाम से जाना जाता है. जिसका उद्देश्य लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनावों को एक साथ कराना है. केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2024 भी देश भर में एक साथ चुनाव कराने की सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से बनाए गए व्यापक ढांचे का हिस्सा है.

वर्तमान में जेपीसी संविधान (129वां संशोधन) विधेयक, 2024 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2024 की समीक्षा कर रही है. ये विधेयक 17 दिसंबर, 2024 को लोकसभा में पेश किए गए और आगे की जांच के लिए जेपीसी को भेजे गए, जिनका सामूहिक उद्देश्य पूरे देश में एक साथ चुनाव कराना है.

9 मार्च को हुई थी जेपीसी की बैठक

इससे पहले, जेपीसी की बैठक 9 मार्च को संसद भवन में हुई थी. बैठक के बाद जेपीसी अध्यक्ष पीपी चौधरी ने कहा कि एक राष्ट्र एक चुनाव राष्ट्रीय हित में है, न कि किसी राजनीतिक दल के हित में. उन्होंने कहा कि हमें दलीय हितों से ऊपर उठकर राष्ट्रीय हित में काम करना होगा. उन्होंने कहा कि एक राष्ट्र एक चुनाव से एक ही मतदाता सूची तैयार करने में सुविधा होगी, जिससे काफी समय की बचत होगी.

गुलाम नबी आजाद ने अनुभव साझा किया

बैठक के दौरान जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने अपना अपनाराजनीतिक अनुभव साझा किया. उन्होंने समिति के सदस्यों के सभी संदेह दूर किए और निष्कर्ष यह निकला कि एक राष्ट्र एक चुनाव राष्ट्रीय हित में है, न कि राजनीतिक हित में. उन्होंने सदस्यों के सवालों के जवाब दिए और कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर स्पष्टता प्रदान की. उनके सुझावों को समिति की प्रक्रिया में अहम माना जा रहा है।

अब JPC को विस्तृत अध्ययन, विशेषज्ञों की राय और विभिन्न पक्षों के विचारों को ध्यान में रखते हुए अपनी रिपोर्ट तैयार करनी है. इस रिपोर्ट के आधार पर आगे सरकार इस महत्वपूर्ण चुनावी सुधार को लागू करने की दिशा में कदम उठा सकती है.