Breaking News in Hindi

चुनाव की तारीखों की घोषणा के अगले ही दिन ईडी सक्रिय हो गयी

सिलीगुड़ी में सात जगहों पर छापा की कार्रवाई

राष्ट्रीय खबर

सिलीगुड़ी: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की तारीखों के आधिकारिक एलान के ठीक 24 घंटे बाद, प्रवर्तन निदेशालय ने सिलीगुड़ी में व्यापक छापेमारी कर राजनीतिक और व्यापारिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। सोमवार, 16 मार्च को केंद्रीय जांच एजेंसी के अधिकारियों ने शहर के अलग-अलग हिस्सों में लगभग सात ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई तीन प्रमुख मामलों—अवैध कॉल सेंटर, सोना तस्करी और चिटफंड धोखाधड़ी—से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में की गई है।

छापेमारी का मुख्य केंद्र हाकिमपाड़ा का अतुल प्रसाद सारणी इलाका रहा, जहाँ ईडी की टीम ने प्रसिद्ध स्वर्ण व्यवसायी स्वपन घोष के आवास पर सुबह-सुबह छापा मारा। स्वपन घोष, जिनकी खुदीराम पल्ली में सोने की बड़ी दुकान है, के घर के बाहर भारी संख्या में केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवानों को तैनात किया गया था। जांच अधिकारियों ने घंटों तक उनके व्यापारिक दस्तावेजों, बैंक खातों और डिजिटल डेटा की बारीकी से पड़ताल की। सिलीगुड़ी के अन्य व्यापारिक केंद्रों जैसे नयाबाजार, आश्रमपाड़ा और खालपाड़ा में भी इसी तरह की कार्रवाई देखी गई।

इस अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा शहर में चल रहे अवैध कॉल सेंटरों के नेटवर्क से जुड़ा है। जांच एजेंसी को संदेह है कि इन कॉल सेंटरों के माध्यम से न केवल विदेशी नागरिकों (विशेषकर अमेरिकी नागरिकों) से धोखाधड़ी की जा रही थी, बल्कि इस काले धन का इस्तेमाल चुनावों में वोट के लिए नोट या अन्य अवैध राजनीतिक गतिविधियों में किए जाने की आशंका है। ED उन कड़ियों को जोड़ने की कोशिश कर रही है जिनसे यह पता चल सके कि इन फर्जी कॉल सेंटरों का मुख्य सरगना कौन है और इनके तार किन रसूखदार लोगों से जुड़े हैं।

उत्तर बंगाल की राजनीति के लिए यह छापेमारी अत्यंत संवेदनशील समय पर हुई है। सिलीगुड़ी सहित पूरे उत्तर बंगाल में 23 अप्रैल 2026 को पहले चरण का मतदान होना है। चुनाव आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान काले धन और अवैध प्रलोभनों पर कड़ी नजर रखी जाए। आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होते ही सक्रिय हुई केंद्रीय एजेंसियों की इस कार्रवाई ने विपक्षी दलों और सत्ता पक्ष के बीच जुबानी जंग भी तेज कर दी है। स्थानीय पुलिस भी कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हाई अलर्ट पर है।