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छोटी बस पर सवार भारतीय तीर्थयात्रियों की मौत

नेपाल के गोरखा जिला में फिर हुआ बस हादसा

काठमांडू: नेपाल के पहाड़ी क्षेत्र गोरखा जिले से एक अत्यंत हृदयविदारक समाचार प्राप्त हुआ है। रविवार शाम भारतीय तीर्थयात्रियों को ले जा रही एक माइक्रोबस अनियंत्रित होकर सड़क से फिसल गई और कई सौ फीट गहरी खाई में जा गिरी। प्रारंभिक आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार, इस भीषण हादसे में 7 भारतीय नागरिकों की मौके पर ही दुखद मृत्यु हो गई है, जबकि बस में सवार कई अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हैं।

जानकारी के अनुसार, ये सभी श्रद्धालु उत्तर प्रदेश और बिहार के सीमावर्ती जिलों के निवासी थे। वे नेपाल के सुप्रसिद्ध शक्तिपीठ मनोकामना मंदिर में पूजा-अर्चना और दर्शन करने के बाद वापस लौट रहे थे। मनोकामना मंदिर अपनी केबल कार सेवा और धार्मिक महत्ता के लिए जाना जाता है, जहाँ हर साल लाखों भारतीय पर्यटक पहुँचते हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि संकरी पहाड़ी सड़क पर मोड़ काटते समय चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया, जिसके कारण बस सीधे खाई में समा गई।

नेपाल के पहाड़ी रास्तों पर खराब मौसम, धुंध और संकरी सड़कें अक्सर घातक दुर्घटनाओं का कारण बनती हैं। इस घटना के बाद स्थानीय पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल और स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल बचाव अभियान शुरू किया। ढलान अत्यधिक होने और अंधेरा बढ़ने के कारण बचाव कार्य में काफी बाधाएँ आईं, फिर भी जवानों ने रस्सियों की मदद से घायलों को बाहर निकाला। घायलों को तत्काल गोरखा अस्पताल और गंभीर स्थिति वाले मरीजों को काठमांडू के शिक्षण अस्पताल (Teaching Hospital) रेफर किया गया है।

काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और वे लगातार नेपाल के गृह मंत्रालय के संपर्क में हैं। दूतावास के अधिकारी घटनास्थल की निगरानी कर रहे हैं ताकि मृतकों के शवों को उनके परिजनों तक पहुँचाने के लिए आवश्यक कागजी कार्रवाई और परिवहन की व्यवस्था की जा सके। भारत के प्रधानमंत्री कार्यालय और संबंधित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी इस शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। यह हादसा एक बार फिर नेपाल के दुर्गम पहाड़ी रास्तों पर सुरक्षा मानकों और धार्मिक पर्यटन के दौरान वाहनों की फिटनेस की जाँच जैसे गंभीर विषयों पर सवाल खड़े करता है।