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होर्मुज जलडमरूमध्य में भारत का ‘शक्ति प्रदर्शन’! युद्ध के बीच ‘आईएनएस शिवालिक’ की एंट्री; स्टैंडबाय पर तैनात हुए भारतीय युद्धपोत

भारत के लोगों को अब एलपीजी गैस की किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा. ईरान के होर्मुज स्ट्रेट से 40,000 मीट्रिक टन एलपीजी से लदा भारतीय जहाज, शिवालिक पार कर रहा है. जहाज के आस-पास मौजूद भारतीय नौसेना के युद्धपोत स्टैंडबाय पर हैं. एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, शिवालिक के बाद एलपीजी से लदा एक और जहाज होर्मुज स्ट्रेट को पार करेगा.

बताया जा रहा है कि होर्मुज स्ट्रेट पार करने के बाद ये जहाज अगले कुछ दिनों में भारत पहुंच जाएगा. इसके बाद एलपीजी से लदे कई जहाज भारत के लिए रवाना होंगे. सभी को ईरान से अनुमित मिल गई है. भारत के लोगों के लिए ये बड़ी राहत की खबर है. इससे पहले पीएम मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति से इस मुद्दे पर बात की थी. माना जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच बातचीत सकारात्मक होने के बाद ही ईरान ने भारतीय जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट पार करने की अनुमति दी है. सरकार का दावा है कि जल्द ही शिवालिक की तरह अन्य जहाज भी भारत पहुंच जाएंगे.

UAE के पास लंगर डाले खड़ा एलपीजी से लदा भारतीय जहाज

UAE के पास मीना साकर बंदरगाह क्षेत्र में लंगर डाले एक भारतीय जहाज खड़ा है. जहाज पर एलपीजी गैस का एक टैंकर लदा है. इस टैंकर से 36 लाख गैस सिलेंडर भरे जा सकते हैं. जहाज के कैप्टन वीरेंद्र के मुताबिक, अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जंग शुरू होने के बाद से वे और क्रू मेबंर्स यहां फंसे हुए हैं. जहाज कुवैत के मीन अल अहमदी बंदरगाह से गुजरात के दीनदयाल कांडला बंदरगाह के लिए रवाना हुआ था. 28 फरवरी से इस ये जहाज UAE के पास मीना साकर बंदरगाह क्षेत्र में लंगर डाले खड़ा है. कैप्टन ने सुरक्षित वापसी के लिए परिवार के जरिए सरकार और नौसेना से गुहार लगाई है.

देश में गैस की किल्लत से सरकार का इनकार

बता दें कि पिछले एक सप्ताह से देश में एलपीजी गैस की किल्लत है. गैस एजेंसी के बाहर लोगों की लंबी-लंबी कतार भी देखी गई. अभी भी देश में कई अलग-अलग जगहों से गैस की किल्लत होन की खबर सामने आ रही है. हालांकि, भारत सरकार ने शुरू से ही गैस की किल्लत होने से इनकार किया है. सरकार ने लोगों को भरोसा दिया कि ऐसी कोई स्थिति नहीं आई है. पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा है कि गलत सूचनाओं के कारण लोग घबराकर बुकिंग और जमाखोरी करने लगे हैं. घरेलू एलपीजी डिलीवरी का औसत चक्र लगभग ढाई दिन का है.

डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड सिस्टम लागू

संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा है कि डायवर्जन को रोकने के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (डीएसी) सिस्टम लागू किया गया है. इस सिस्टम के तहत ग्राहकों को सिलेंडर प्राप्त करने के लिए डिलीवरी पर्सन को एक कोड देना होगा। मांग प्रबंधन के अस्थायी उपाय के रूप में, एलपीजी बुकिंग के बीच न्यूनतम अंतराल 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है. जहां तक कच्चे तेल की बात है, स्थिति काफी अच्छी है.