Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
गैंगस्टरवाद के खिलाफ मान सरकार की मुहिम को मिल रहा है लोगों का भारी समर्थन: बलतेज पन्नू शानदार चार साल, भगवंत मान दे नाल: आप ने भगवंत मान सरकार की उपलब्धियों को पंजाब के हर घर तक पहुंचाया Census 2027 India Update: जनगणना 2027 की तैयारी अंतिम दौर में; 1 अप्रैल से शुरू होगा पहला चरण, जाति ... पश्चिम बंगाल में कांग्रेस उम्मीदवार का नाम SIR लिस्ट से गायब; कलकत्ता हाई कोर्ट ने कहा- अब सीधे सुप्... LPG Crisis in India Update: संकट के बीच भारत पहुंच रहे LPG के दो विशाल जहाज; लदा है 94,000 टन गैस, म... Delhi-Agra Highway Accident: दिल्ली-आगरा हाईवे पर रोंगटे खड़े कर देने वाला हादसा; पुल की रेलिंग तोड़... Mumbai Dabbawala Service Closed: मुंबई में 6 दिन नहीं पहुंचेगा टिफिन; 4 अप्रैल तक डब्बेवालों की सर्व... 'घर में अकेली थी किशोरी, अंदर घुसे ASI और...'; पुलिस अधिकारी पर गंभीर आरोप, जांच शुरू Delhi-NCR Rain Update Today: दिल्ली-NCR में तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश; 14 राज्यों में मौसम का अलर... Bhopal Hotel Owner Murder News: भोपाल में 'बेटा' कहने पर भड़का युवक; होटल मालिक की चाकू से गोदकर बेर...

पूर्व सीएम और एन सी नेता की हत्या का प्रयास पल भर में विफल हो गया

ईश्वर ने मुझे बचा लिया: फारूक अब्दुल्ला

  • एक शादी समारोह में गये थे वह

  • हमलावर 63 साल का एक व्यक्ति

  • दोनों गोलियां निशाने से चूक गयी

राष्ट्रीय खबर

श्रीनगरः नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने गुरुवार को अपने ऊपर हुए जानलेवा हमले के बाद पहली बार मीडिया के सामने अपनी प्रतिक्रिया दी। 88 वर्षीय अब्दुल्ला ने बताया कि उन्होंने जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान अपनी ओर चलाई गई गोलियों की आवाज़ को शादी के पटाखों का शोर समझ लिया था। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि उस वक्त ईश्वर ने उनके जीवन की रक्षा की।

शूटर की पहचान 63 वर्षीय जम्मू निवासी कमल सिंह जमवाल के रूप में हुई है। सीसीटीवी फुटेज में देखा गया कि जमवाल पीछे से अब्दुल्ला के करीब पहुंचा और बिल्कुल करीब से उनकी ओर निशाना साधकर दो गोलियां चलाईं। गनीमत रही कि निशाना चूक गया और फारूक अब्दुल्ला बाल-बाल बच गए। हमलावर को तुरंत अब्दुल्ला की सुरक्षा टीम ने दबोच लिया। पुलिस पूछताछ में जमवाल ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा कि वह पिछले 20 वर्षों से अब्दुल्ला को मारने की कोशिश कर रहा था।

जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त फारूक अब्दुल्ला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, जब मैं कार्यक्रम स्थल से बाहर निकल रहा था, तब मैंने पटाखे जैसी आवाज सुनी। मुझे तुरंत कार में ले जाया गया। बाद में मुझे पता चला कि एक व्यक्ति ने पिस्टल से दो राउंड फायरिंग की थी। मैं न तो उस व्यक्ति को जानता हूं और न ही मेरे पास उसके बारे में कोई जानकारी है।

अधिकारियों के अनुसार, यह घटना तब हुई जब फारूक अब्दुल्ला और जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी नेशनल कॉन्फ्रेंस के एक नेता के बेटे की शादी में शामिल होने पहुंचे थे। दोनों नेता वहां एक घंटे से अधिक समय से मौजूद थे। सुरिंदर चौधरी भी इस हमले में सुरक्षित बच गए। संवेदनशील केंद्र शासित प्रदेश में इतने उच्च-प्रोफाइल नेताओं पर हुए इस हमले ने सुरक्षा तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रोटोकॉल के अनुसार, ऐसे वीआईपी कार्यक्रमों से पहले इलाके की गहन जांच और सख्त पहुंच नियंत्रण सुनिश्चित किया जाना अनिवार्य होता है।