Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
"नेताजी की अस्थियां कहां हैं?"—सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से किया इनकार; याचिकाकर्ता से पूछा ऐसा सवाल क... Share Market Crash Today 2026: क्यों गिरा आज शेयर बाजार? जानें वे 5 बड़े कारण जिनसे निवेशकों को लगा ... Rahul Gandhi in Lok Sabha: लोकसभा में गूंजा ईरान संकट, राहुल गांधी ने सरकार को घेरा; पूछा— "अमेरिका ... Iran Conflict Update: ईरान में फंसे 9000 भारतीय, विदेश मंत्रालय (MEA) ने बताया वतन वापसी का पूरा प्ल... बड़ी खबर: टेरर फंडिंग केस में शब्बीर शाह को सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत! 7 साल बाद जेल से आएंगे बाहर... LPG Crisis in Rural Areas: ग्रामीण इलाकों में गैस सिलेंडर बुकिंग के नियमों में बदलाव, अब 45 दिन करना... दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर बड़ा अपडेट: अभी इतना काम है बाकी, इन वाहनों को नहीं देना होगा 1 रुपया... संसद में गूंजी थाली-चम्मच की आवाज! LPG संकट पर TMC महिला सांसदों का अनोखा विरोध; सदन में भारी हंगामा... थरूर का मणिशंकर अय्यर को करारा जवाब: "विदेश नीति भाषण देने के लिए नहीं, देश के हित के लिए होती है!" ... फारूक अब्दुल्ला पर हमला? पूर्व CM का खौफनाक खुलासा— "मुझे लगा पटाखा फूटा, बाद में पता चला गोली चली!"...

CG Vidhan Sabha: छत्तीसगढ़ विधानसभा में गैस सिलेंडर की किल्लत पर हंगामा, स्थगन प्रस्ताव को लेकर आमने-सामने आए विधायक; जानें क्या हुआ?

रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने प्रदेश में लगातार सामने आ रही गैस की कमी की समस्या को लेकर स्थगन प्रस्ताव लाया, जिस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई. बहस के दौरान सदन का माहौल इतना गरमा गया कि हंगामे के बीच कार्यवाही को पांच मिनट के लिए स्थगित करना पड़ा.

गैस की किल्लत को लेकर विपक्ष का स्थगन प्रस्ताव

शून्यकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने प्रदेश में गैस सिलेंडर की कमी और बढ़ती कीमतों का मुद्दा उठाते हुए स्थगन प्रस्ताव पेश किया. उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई हिस्सों में लोगों को गैस सिलेंडर समय पर नहीं मिल पा रहा है, जिससे आम जनता परेशान है. ऐसे में इस गंभीर विषय पर सदन में चर्चा होनी चाहिए.

सत्ता पक्ष ने कहा– यह विधानसभा का विषय नहीं

स्थगन प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि गैस सिलेंडर की कीमत और महंगाई का विषय विधानसभा के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता, इसलिए इस मुद्दे पर सदन में चर्चा नहीं हो सकती. उनके इस बयान के बाद विपक्ष ने कड़ा विरोध दर्ज कराया.

विपक्ष का पलटवार, चर्चा की मांग तेज

कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने सत्ता पक्ष के तर्क पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब मुख्यमंत्री का बयान गैस को लेकर सदन में आ सकता है तो फिर इस मुद्दे पर चर्चा क्यों नहीं हो सकती. उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े मुद्दों पर विधानसभा में चर्चा होना जरूरी है.

भूपेश बघेल ने राज्य सरकार की जिम्मेदारी बताई

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि भले ही गैस का विषय केंद्र सरकार से जुड़ा हो, लेकिन प्रदेश में गैस की कमी और महंगाई का असर यहां की जनता पर पड़ रहा है, इसलिए व्यवस्था सुनिश्चित करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है.

हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही स्थगित

स्थगन प्रस्ताव को लेकर पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस और नारेबाजी शुरू हो गई. लगातार बढ़ते हंगामे के कारण विधानसभा अध्यक्ष को सदन की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी. इस दौरान सदन का माहौल काफी गरमाया रहा और दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते नजर आए.