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“आपका YONO ऐप एक्सपायर हो गया है…” बुजुर्ग को आया एक मैसेज और खाली हो गया बैंक खाता! साइबर ठगों के इस नए जाल से आप भी बचें

साइबर सुरक्षा जितनी हाईटेक होती जा रही है, उतने ही तेजी से साइबर अपराधी भी नई-नई तरकीबें अपनाकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं. इंटरनेट और डिजिटल बैंकिंग के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर ठग अब पहले से अधिक सक्रिय हो गए हैं. ये अपराधी अलग-अलग तरीकों से लोगों को झांसा देकर उनकी मेहनत की कमाई पर हाथ साफ कर रहे हैं. ऐसा ही एक मामला मध्यप्रदेश के जबलपुर शहर से सामने आया है.

एक साइबर ठग ने खुद को बैंक अधिकारी बताकर जबलपुर में एक बुजुर्ग से एक लाख रुपये की ठगी कर ली. ठगों ने एसबीआई बैंक के योनो ऐप के एक्सपायर होने का झांसा देकर व्हॉट्सऐप पर एक लिंक भेजा और जैसे ही पीड़ित ने उस लिंक पर क्लिक किया, उनका मोबाइल हैक हो गया और खाते से पैसे ट्रांसफर कर लिए गए. इस मामले में गोराबाजार थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

प्राइवेट जॉब करते हैं बुजुर्ग

पुलिस के अनुसार अनंततारा निवासी 62 वर्षीय प्रभाकर मोहिते प्राइवेट जॉब करते हैं. 21 फरवरी की दोपहर वे अपने मोबाइल में योनो ऐप चलाने का प्रयास कर रहे थे. लेकिन ऐप काम नहीं कर रहा था. इसी दौरान उनके मोबाइल पर योनो ऐप से संबंधित विज्ञापन दिखाई देने लगे. कुछ ही देर बाद एक अज्ञात नंबर से उनके पास कॉल आया. कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को बैंक अधिकारी बताया और कहा कि उनका योनो ऐप एक्सपायर हो गया है.

आरोपी ने मोहिते के व्हॉट्सऐप पर एक लिंक भेजकर उस पर क्लिक करने के लिए कहा. जैसे ही उन्होंने लिंक खोला कुछ ही देर में उनके मोबाइल पर खाते से पैसे ट्रांसफर होने के संदेश आने लगे. बाद में पता चला कि उनके बैंक खाते से एक लाख रुपये किसी अन्य खाते में भेज दिए गए हैं. ठगी का एहसास होने पर मोहिते ने गोराबाजार थाने में शिकायत दर्ज कराई. आरोपियों ने उन्हें यह भी बताया था कि उनकी बात बैंक के एक बड़े अधिकारी जावेद से कराई जा रही है जिससे उन्हें विश्वास हो गया और वे ठगी का शिकार हो गए.

क्या बोले पुलिस अधिकारी?

इस पूरे मामले में एएसपी क्राइम जितेंद्र सिंह का कहना है कि साइबर अपराधों से बचाने के लिए लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा है. स्कूल-कॉलेज सहित विभिन्न संस्थानों में अभियान चलाकर लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है. उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया प्रोफाइल को निजी मोड पर रखें, सार्वजनिक स्थानों पर बैंक आईडी या पासवर्ड टाइप न करें और अलग-अलग मजबूत पासवर्ड का उपयोग करें, जहां संभव हो बायोमैट्रिक सुरक्षा का इस्तेमाल करें.

उन्होंने यह भी कहा कि सामान्य 10 अंकों वाले नंबर से बैंक की ओर से कॉल नहीं आते. इसके अलावा किसी भी अनजान लिंक, क्यूआर कोड या जिप फाइल को खोलने से बचें, क्योंकि इनके जरिए मोबाइल या सिस्टम हैक किया जा सकता है. साथ ही संदिग्ध या स्पैम संदेशों को आगे न बढ़ाएं, क्योंकि साइबर ठग इन माध्यमों से भी लोगों को अपना शिकार बनाते हैं. पुलिस का कहना है कि यदि किसी के साथ साइबर ठगी होती है तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराना चाहिए, ताकि समय रहते कार्रवाई कर नुकसान को कम किया जा सके.