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Jharkhand Police Digital Move: झारखंड में अब डिजिटल तरीके से तामील होंगे समन और वारंट, पेपरलेस पुलिसिंग के लिए पुलिस मुख्यालय ने जारी किए निर्देश

रांचीः झारखंड पुलिस ने अपने आपको पेपरलेस करने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है. झारखंड पुलिस ई-समन एप्लिकेशन पर काम शुरू करेगी. अब पुलिस ईमेल और व्हाट्सएप के जरिये समन और वारंट को निष्पादित करेगी.

तैयारी हुई शुरू

झारखंड पुलिस अब विभिन्न कांडों में वांछित आरोपितों को उनके मोबाइल या फिर ईमेल के माध्यम से भी समन भेज सकेगी. इस योजना के लिए झारखंड में ई-समन प्रणाली लागू करने की तैयारी शुरू कर दी गई है. इस प्रक्रिया को शुरू करने के लिए पुलिस मुख्यालय की ओर से सभी जिलों के एसएसपी और एसपी को पत्र जारी कर प्रत्येक जिले में ई-समन ऐप के लिए नोडल अधिकारी नामित करने का निर्देश दिया गया है.

क्या है पत्र में

झारखंड पुलिस मुख्यालय के द्वारा जारी पत्र में यह बताया गया है कि ई-समन एप्लीकेशन के लिए जिला नोडल पदाधिकारी (District Admin) नामित करने एवं उनका विवरण विहित प्रपत्र में समर्पित करना है. विषय के सबंध में सूचित करना है कि नये अपराधिक कानूनों के अनुरुप न्यायालय से समन निर्गत होने से लेकर उसका तामिला तक के प्रकिया को इलेक्ट्रानिक माध्यम से निष्पादित करने के लिए एनआईसी नई दिल्ली द्वारा ई-समन एप्लिकेशन तैयार किया गया है.

ऐसे में ई-समन एप्लिकेशन को क्रियान्यवित करने के लिए जिला स्तर पर नोडल पदाधिकारी (District Admin) नामित करते हुए उनका User ID बनाया जाना है, जो अपने अपने यूजर आईडी से अपने अधीनस्थ थानों के पदाधिकारियों का यूजर आईडी बनाएंगे. अतः निर्देश दिया जाता है कि ई-समन के लिए अपने अपने जिला में नोडल पदाधिकारी (District Admin) नामित करते हुए उनका विवरण विहित प्रपत्र में ईमेल आईडी-spmucctnsjharkhand@gmail.com पर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें

कई तरह के होंगे फायदे

ई-समन लागू होने के बाद पुलिस को वारंट और समन भेजने में काफी सहूलियत हो जाएगी. पहले तो एप्लीकेशन मोड पूरी तरह से इलेक्ट्रॉनिक होगा. ऐसे में झारखंड पुलिस पेपरलेस मोड में आगे बढ़ेगी. दूसरा सबसे बड़ा फायदा यह है कि कई बार आरोपित अपना पता बदल लेते हैं ऐसे में उनके फोन नंबर की जानकारी लेकर उस पर समन और वारंट तमिल करवाया जा सकता है.

तीसरा सबसे बड़ा फायदा समय की बचत है, अब तक पुलिस को बाहर के राज्यों में और अपने राज्यों के दूसरे शहरों में जा-जाकर वारंट तामिला करवाना पड़ता था. इस वजह से उन्हें काफी तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था लेकिन अब वह अपने थानों में बैठे-बैठे ही यह सभी काम आसानी से कर लेंगे. चौथा सबसे बड़ा फायदा पुलिस के कामों में पारदर्शिता का होगा, वारंट तामिला को लेकर कई बार पुलिस पर विभिन्न तरह के आरोप लगते है. इसे लेकर कई बार दोनों पक्षों के द्वारा सीनियर अधिकारियों तक शिकायत भी पहुंचाई जाती है लेकिन इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से समन जारी होने पर यह पूरी तरह से निष्पक्ष रहेगा.