शंकराचार्य पर केस करने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी पर ट्रेन में जानलेवा हमला! टॉयलेट में छिपकर बचाई जान, मची चीख-पुकार
प्रयागराज में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ नाबालिगों के यौन उत्पीड़न का केस दर्ज कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी पर जानलेवा हमला हुआ है. यह हमला उस समय हुआ जब आशुतोष ब्रह्मचारी गाजियाबाद से रीवा एक्सप्रेस ट्रेन से प्रयागराज आ रहे थे. उन्होंने आरोप लगाया है कि ट्रेन के भीतर अज्ञात हमलावर ने धारदार हथियार से उन पर हमला किया.
आशुतोष ब्रह्मचारी के मुताबिक, वह रीवा एक्सप्रेस के एच-1 कोच में सफर कर रहे थे. इसी दौरान फतेहपुर और कौशांबी जिले के सिराथू रेलवे स्टेशन के बीच एक व्यक्ति ने उन पर हमला कर दिया. हमलावर के हाथ में धारदार हथियार था और उसने अचानक उन पर वार करना शुरू कर दिया. हमले से घबराकर आशुतोष ने खुद को ट्रेन के टॉयलेट में बंद कर लिया और किसी तरह अपनी जान बचाई.
इस हमले में आशुतोष ब्रह्मचारी को शरीर पर कई जख्म के निशान मिले हैं. ट्रेन प्रयागराज जंक्शन पहुंचने के बाद उन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया. फिलहाल उनका इलाज मेडिकल प्रयागराज के कॉल्विन अस्पताल में कराया जा रहा है.
जीआरपी थाने में शिकायत दर्ज कराई
घटना के बाद आशुतोष ब्रह्मचारी ने प्रयागराज जंक्शन स्थित जीआरपी थाने में शिकायत दर्ज कराई है. पुलिस ने मामले की एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. जीआरपी अधिकारियों का कहना है कि ट्रेन में मौजूद यात्रियों और रेलवे स्टाफ से भी पूछताछ की जा रही है, ताकि हमलावर की पहचान की जा सके. साथ ही ट्रेन के कोच और स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं.
पुलिस जांच में जुटी
आशुतोष ब्रह्मचारी ने इस हमले के पीछे साजिश की आशंका जताई है. उन्होंने कहा कि यह हमला उन्हें डराने या नुकसान पहुंचाने की कोशिश हो सकती है. उन्होंने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर इस हमले की साजिश रचने का शक जताया है. हालांकि इस मामले में अभी तक पुलिस की ओर से किसी भी व्यक्ति की गिरफ्तारी की जानकारी सामने नहीं आई है. पुलिस जांच में जुटी है.
आशुतोष ब्रह्मचारी ने प्रयागराज में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके एक सहयोगी के खिलाफ नाबालिगों के शोषण का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी. वहीं, इस आरोप के बाद शंकराचार्य की ओर से भी तीखी प्रतिक्रिया सामने आई थी. उन्होंने आशुतोष ब्रह्मचारी के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि आशुतोष कोई संत नहीं है, बल्कि एक हिस्ट्रीशीटर है.