Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Datia By-Election: 'नरोत्तम मिश्रा बड़ी चुनौती थे, आशुतोष तिवारी कुछ नहीं', कांग्रेस प्रत्याशी घनश्य... Haldiram in London: लंदन के लीसेस्टर स्क्वायर में खुला हल्दीराम का पहला स्टोर, छोले-भटूरे खाने उमड़ी... Telangana ACB Raid: HMDA के चीफ इंजीनियर के घर छापा, 100 करोड़ की बेहिसाब संपत्ति का खुलासा Telangana ACB Raid: HMDA के चीफ इंजीनियर बी. रविंदर गिरफ्तार, 9.24 करोड़ की बेहिसाब संपत्ति जब्त Delhi Education Hub: दिल्ली को शिक्षा का बड़ा हब बनाने की तैयारी, CM रेखा गुप्ता ने DU के छात्रों को... Datia By-Election: जीतू पटवारी का बड़ा दावा- 'दतिया उपचुनाव 25 हजार वोटों से जीतेगी कांग्रेस' Shirdi Sai Baba Prasad: शिरडी में 700 किलो मिलावटी पेड़ा जब्त, FDA ने मारा छापा Kolkata Crime: सोशल मीडिया पर हुई दोस्ती, फोटो वायरल करने की धमकी देकर 7 साल तक किया रेप क्यूबा में 10 दिनों में तीसरी बार ब्लैकआउट रोम में लेबनान-इजराइल वार्ता का पहला दिन संपन्न

Haryana Rajya Sabha Election 2026: सतीश नांदल की एंट्री से बढ़ी टेंशन, हुड्डा के आवास पर कांग्रेस विधायकों की अहम बैठक, जानें रणनीति

 हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए होने वाले चुनाव ने एक नाटकीय मोड़ ले लिया है। दिल्ली में नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा और कांग्रेस के राज्यसभा उम्मीदवार कर्मवीर सिंह बौद्ध के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक चल रही है। सूत्रों की मानें तो कांग्रेस अपने विधायकों को टूटने से बचाने के लिए उन्हें जल्द ही किसी दूसरे राज्य में शिफ्ट कर सकती है।

शुरुआत में यह चुनाव एकतरफा लग रहा था, लेकिन भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश नांदल द्वारा निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल करने से समीकरण बदल गए हैं। अब मैदान में तीन मुख्य चेहरे हैं संजय भाटिया (भाजपा), कर्मवीर सिंह बौद्ध (कांग्रेस),  सतीश नांदल (निर्दलीय – भाजपा समर्थित)।

कांग्रेस के पास वर्तमान में 37 विधायक हैं, जो एक सीट जीतने के लिए (आवश्यक 31 वोट) पर्याप्त हैं। हालांकि, हरियाणा कांग्रेस का इतिहास ‘क्रॉस-वोटिंग’ और ‘पेन कांड’ जैसी घटनाओं से भरा रहा है। 2022 में पर्याप्त संख्या बल होने के बावजूद अजय माकन को हार का सामना करना पड़ा था। इसी खतरे को देखते हुए हुड्डा खेमा इस बार कोई जोखिम नहीं लेना चाहता।

सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस अपने सभी 37 विधायकों को राजस्थान या हिमाचल प्रदेश के किसी रिसॉर्ट में भेज सकती है। कर्मवीर सिंह बौद्ध (SC समुदाय) को उतारकर कांग्रेस ने बड़ा दांव खेला है, जिसे एकजुट रखना हुड्डा के लिए बड़ी चुनौती है। सतीश नांदल को भाजपा के अतिरिक्त 17 वोटों और कुछ निर्दलीय विधायकों का समर्थन मिलने की उम्मीद है। उनकी नजर कांग्रेस के असंतुष्ट खेमे पर टिकी है।  “हुड्डा और बौद्ध की यह मुलाकात सिर्फ शिष्टाचार नहीं, बल्कि 16 मार्च को होने वाली वोटिंग के लिए ‘सुरक्षा चक्र’ तैयार करने की कवायद है।”