Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
अविश्वास प्रस्ताव से पहले PM मोदी का विपक्ष पर बड़ा प्रहार! बोले- 'ओम बिरला अहंकारी उत्पाती छात्रों ... Chitrakoot School News: पढ़ाई की जगह छात्राओं से मसाज कराने वाली प्रधानाध्यापिका निलंबित, जांच के बा... ईरान-इजराइल जंग से नहीं महंगी होगी पेट्रोल-डीजल की कीमतें! भारत सरकार का बड़ा बयान- 'हमारे पास है ते... अन्ना हजारे ने PM मोदी को लिखी चिट्ठी! मिडिल ईस्ट की जंग देख भावुक हुए अन्ना, बोले- 'शांति के लिए पह... अमित शाह की हुंकार! 'केदारनाथ से कन्याकुमारी तक चुन-चुनकर बाहर होंगे घुसपैठिये', जन-जन की सरकार समार... Purnia Crime News: पूर्णिया में बुजुर्ग महिला से दरिंदगी, हत्या के बाद शव से रेप और फिर पेड़ से लटका... IPS Anshika Verma Wedding: आईपीएस अंशिका वर्मा और केके बिश्नोई जल्द बंधेंगे शादी के बंधन में, सोशल म... UPSC Result में 'हमशक्ल' नाम का खेल! 301वीं रैंक पर दो आकांक्षा सिंह का दावा, जानें कौन है असली अफसर... जींद में रोंगटे खड़े कर देने वाला कांड: रंग फैक्ट्री में लगी आग, बाहर से ताला लगा होने के कारण 4 महि... Bihar Politics: निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री पर उपेंद्र कुशवाहा का रुख साफ, बोले- JDU के अस्ति...

Punjab Weather: मार्च के पहले हफ्ते में ही क्यों छूट रहे पसीने? मौसम विभाग ने बताया भीषण गर्मी का ये डराने वाला कारण

गुरदासपुर: इस साल मौसम में आए तेज बदलाव के कारण गुरदासपुर जिले में मार्च के पहले हफ्ते के दौरान ही गर्मी महसूस होने लगी है। जहां सर्दी के मौसम में सामान्य से कम बारिश होने के कारण लोगों को सूखी ठंड का सामना करना पड़ा, वहीं अब तापमान में अचानक हुई वृद्धि ने गर्मी की आमद का एहसास करवा दिया है।

मौसमी आंकड़ों के मुताबिक इस समय गुरदासपुर में दिन का औसत तापमान लगभग 35 डिग्री सेंटीग्रेड दर्ज किया जा रहा है, जबकि पिछले वर्षों के दौरान इन दिनों में दिन का तापमान औसतन 29 से 30 डिग्री सैंटीग्रेड के दरमियान रहता था। इस तरह तापमान में लगभग 5 डिग्री तक की वृद्धि दर्ज की गई है, जो मौसमी बदलाव का साफ संकेत माना जा रहा है। इसके साथ ही रात के तापमान में भी तेजी से बढ़ोतरी दर्ज हो रही है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार सर्दी के मौसम के दौरान सामान्य से कम बारिश होने के कारण मिट्टी में नमी की कमी आ गई है, जिससे तापमान तेजी से बढ़ रहा है। दूसरी ओर होली के नजदीकी दिनों में आमतौर पर मध्यम या भारी बारिश होने की परंपरा रही है, लेकिन इस साल यह त्यौहार भी सूखा ही निकल गया है। बारिश की कमी के कारण मौसम में आ रहा यह बदलाव लोगों के लिए चिंता का विषय बन रहा है। मौसम में आए इस बदलाव का सीधा प्रभाव कृषि पर भी पड़ सकता है। बढ़ते तापमान और नमी की कमी के कारण रबी फसलों की पैदावार पर असर पड़ने की संभावना है।

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि तापमान इसी तरह बढ़ता रहा तो गेहूं की दाना बनने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है और पैदावार घट सकती है। मार्च के शुरू में ही बढ़ी गर्मी ने लोगों की दिनचर्या पर भी असर डालना शुरू कर दिया है। दिन के समय धूप की तीव्रता बढ़ने से लोगों को गर्मी महसूस होने लगी है और दोपहर के वक्त बाजारों और सड़कों पर आवाजाही भी कुछ कम होने लगी है। डॉक्टरों का कहना है कि अचानक बढ़ता तापमान स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं जैसे डिहाइड्रेशन, थकान और सिरदर्द बगैरह का कारण बन सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार मौसम में इस तरह का अचानक बदलाव जलस्रोतों, जीव-जंतुओं और कुल पर्यावरण पर भी प्रभाव डाल सकता है। यदि आने वाले दिनों में बारिश नहीं हुई तो तापमान में और बढ़ोतरी होने की संभावना भी जताई जा रही है।