Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Dehradun News: बैरागीवाला गांव में युवक की हत्या के बाद भारी तनाव; गुस्साए लोगों का हंगामा, पुलिस बल... Drone Post Delivery in Himachal: हिमाचल में ड्रोन से पहुंचेगी डाक; मंडी-रेहरधार मार्ग पर सफल ट्रायल,... Greater Noida News: जिम में वर्कआउट के बाद 20 वर्षीय युवक की मौत; हार्ट अटैक की आशंका से मचा हड़कंप Maharashtra Politics: शरद पवार को रामदास आठवले का बड़ा ऑफर; कांग्रेस के बजाय NDA में आने की दी सलाह Govindpuri Fire Case: दिल्ली अग्निकांड कोई हादसा नहीं, बल्कि खौफनाक साजिश; 3 की मौत के मामले में 4 ग... TMC Internal Conflict: सांसद काकोली घोष दस्तीदार के बेटे ने ममता बनर्जी और महुआ मोइत्रा को भेजा कानू... Noida Road Accident: नोएडा महामाया फ्लाईओवर के पास तेज रफ्तार स्लीपर बस पलटी; 14 यात्री घायल Weather Update: दिल्ली-एनसीआर में फिर सताएगी भीषण गर्मी; 6 दिनों तक बारिश के कोई आसार नहीं सिर्फ खाने के काम ही नहीं आयेगा चावल का सफेद दाना, देखें वीडियो राहुल गांधी का रुख भाजपा को मदद पहुंचा रहाः विजयन

Gold Price Crash: औंधे मुंह गिरा सोना! 20% की गिरावट के साथ बेयर मार्केट में एंट्री, निवेशकों में मची खलबली

2026 की शुरुआत में सोने ने शानदार तेजी दिखाई थी, लेकिन अब उसकी रफ्तार टूटती दिख रही है. साल की शुरुआत में रिकॉर्ड ऊंचाई $5,602 तक पहुंचने के बाद सोना गिरकर करीब $4,495 पर आ गया है, यानी करीब 20% की गिरावट जिसे आम भाषा में बेयर मार्केट कहा जाता है.

तेजी के बाद गिरावट का सिलसिला

सोने में यह तेजी अक्टूबर 2022 से शुरू हुई थी. उस समय करीब $1,500 से बढ़कर जनवरी 2026 तक यह 275% उछल गया. लेकिन अब इसमें करेक्शन शुरू हो चुका है और बाजार में दबाव बना हुआ है.

इतिहास क्या कहता है

इतिहास बताता है कि सोने में बड़ी तेजी के बाद तेज गिरावट आना नई बात नहीं है. Mark Twain की मशहूर लाइन है इतिहास खुद को दोहराता नहीं, लेकिन मिलता-जुलता जरूर होता है.

  • 1974-76: सोना 353% चढ़ा, फिर 43% गिर गया
  • 1980s: 541% उछाल के बाद 52% की गिरावट
  • 2011-2015: लंबी तेजी के बाद 42% की गिरावट

2026 में कितना गिर सकता है सोना?

अगर इतिहास जैसा ट्रेंड दोहराया जाए, तो सोना अपने पीक से 50% तक गिर सकता है. ऐसे में कीमतें $2,800$3,000 के आसपास आ सकती हैं. हालांकि कई एक्सपर्ट $3,600 के स्तर को अहम मान रहे हैं.

अभी क्यों दबाव में है सोना

ईरान युद्ध के बाद तेल की कीमतें बढ़ी हैं, जिससे डॉलर मजबूत हुआ और महंगाई बढ़ी. ऐसे में ब्याज दरें ऊंची बनी रह सकती हैं. चूंकि सोना कोई ब्याज नहीं देता, इसलिए ऊंची दरों और मजबूत डॉलर के समय इसकी मांग कम हो जाती है.

लंबी अवधि में उम्मीद बरकरार

हालांकि शॉर्ट टर्म में गिरावट है, लेकिन एक्सपर्ट मानते हैं कि लंबे समय में सोना फिर से मजबूत हो सकता है. भू-राजनीतिक तनाव और सेंट्रल बैंकों की खरीद इसे सपोर्ट दे सकती है.

निवेशकों के लिए सलाह

सोने में शॉर्ट टर्म के लिए निवेश जोखिम भरा हो सकता है. बेहतर है कि इसे पोर्टफोलियो का 10-15% ही रखें और लंबी अवधि के नजरिए से निवेश करें.