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‘धमाकों से दहल उठा था दुबई…’ खौफ के साए में जबलपुर लौटे लोगों ने सुनाई रोंगटे खड़े करने वाली आपबीती

ईरान-इजरायल के बीच बढ़े तनाव और खाड़ी क्षेत्र में बने युद्ध जैसे हालात के बीच दुबई में फंसे जबलपुर के तीन परिवार आखिरकार रेस्क्यू फ्लाइट के जरिए सुरक्षित अपने घर लौट आए. करीब सात दिनों तक दुबई में फंसे रहने के बाद जब वे भारत पहुंचे तो उन्होंने राहत की सांस ली और भारत सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया.

जबलपुर की पर्यटक सारिका सिंघई ने बताया कि वे 21 तारीख को दुबई पहुंचे थे और 28 तारीख को उनकी वापसी की फ्लाइट थी. 28 तारीख तक सब कुछ सामान्य था, लेकिन उसी दिन अचानक हमले की खबरें आने लगीं और हालात बदल गए. इसके बाद लगातार फ्लाइट कैंसिल होने लगीं. उन्होंने बताया कि वे लोग दिन भर में कई बार फ्लाइट बुक करने की कोशिश करते रहे, लेकिन हर बार एयरपोर्ट पहुंचने पर पता चलता था कि फ्लाइट रद्द कर दी गई है. ऑनलाइन फ्लाइट दिखती थी, लेकिन वास्तविकता में उड़ानें बंद हो चुकी थीं.

सारिका सिंघई ने बताया कि कई घंटों तक एयरपोर्ट पर इंतजार करने के बाद उन्हें जानकारी मिली कि भारत सरकार की ओर से रेस्क्यू फ्लाइट चलाई जा रही है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस पहल से दुबई में फंसे भारतीयों को अपने देश लौटने का मौका मिला. उन्होंने बताया कि हमले के बाद वहां काफी दहशत का माहौल था. होटल के किराए तीन से चार गुना तक बढ़ गए थे और लगातार ड्रोन हमलों की खबरों से लोग डरे हुए थे.

लोगों में काफी डर

उन्होंने बताया कि एक दिन जब वे लोग बाहर निकले तो आसमान में फाइटर जेट और ड्रोन उड़ते दिखाई दिए. इसी दौरान एक ड्रोन को एम्बेसी के पास ही नष्ट किया गया, जो करीब डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर गिरा. उस समय सभी लोग काफी डर गए थे. उन्होंने कहा कि अब अपने देश और अपनी धरती पर वापस आकर बहुत अच्छा लग रहा है.

दुबई से लौटे सुप्रिया जैन ने बताया कि भारत पहुंचकर बेहद खुशी हो रही है. उन्होंने कहा कि बच्चों और परिवार से मिलने की खुशी सबसे बड़ी है. दुबई में स्थिति तनावपूर्ण थी और लगातार फ्लाइट कैंसिल होने से चिंता बढ़ती जा रही थी. 28 तारीख की फ्लाइट रद्द होने के बाद उन्होंने 3 तारीख की टिकट कराई, लेकिन वह भी कैंसिल हो गई. इसके बाद 5 तारीख की फ्लाइट भी रद्द हो गई. अंत में रेस्क्यू फ्लाइट में सीट मिलने के बाद वे भारत लौट पाए.

फ्लाइट लगातार हो रही थीं कैंसिल

वहीं प्रवीण जैन ने बताया कि 28 तारीख की दोपहर के बाद खाड़ी क्षेत्र में हालात बिगड़ने लगे और एयरस्पेस बंद कर दिया गया. शुरुआत में थोड़ी घबराहट हुई, लेकिन जब दुबई और अबू धाबी के आसपास हमलों की खबरें आने लगीं तो डर का माहौल बन गया. उन्होंने बताया कि लगातार फ्लाइट कैंसिल होने से परेशानी बढ़ती जा रही थी और होटल के किराए भी बढ़ रहे थे. हालांकि, उन्होंने यूएई सरकार का भी आभार जताया, जिसने होटल प्रबंधन को निर्देश दिए कि कुछ तारीखों के बाद पर्यटकों से अतिरिक्त किराया न लिया जाए और उसका भुगतान सरकार करेगी.

शैलेश जैन ने बताया कि दुबई में बाजार और मॉल तो खुले हुए हैं, लेकिन पर्यटक लगभग गायब हैं. दुकानों में ग्राहक नहीं हैं और कारोबार प्रभावित हो रहा है. रमजान के मौके पर व्यापारियों को अच्छे कारोबार की उम्मीद थी, लेकिन मौजूदा हालात के कारण बाजार सूने पड़े हैं. उन्होंने बताया कि जब भी फाइटर जेट या पुलिस की पेट्रोलिंग होती थी तो माहौल तनावपूर्ण हो जाता था और पर्यटक अपने होटलों से बाहर निकलने से बचते थे.

वापस आकर बुहत अच्छा लगा

दुबई से लौटी अंजलि जैन ने भी कहा कि वहां के हालात देखकर मन में डर बना हुआ था. अब भारत लौटकर बहुत अच्छा लग रहा है और परिवार से मिलने की खुशी अलग ही है. रेस्क्यू फ्लाइट से सुरक्षित घर लौटे इन परिवारों ने कहा कि मुश्किल समय में भारत सरकार की पहल और सहयोग से उन्हें अपने देश वापस आने का अवसर मिला, जिसके लिए वे बेहद आभारी हैं.