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क्रोएशिया 17 साल बाद फिर से शुरू करेगा अनिवार्य सैन्य सेवा

यूरोप के बदलते हालात पर देश की तैयारी

जगरेवः यूरोप के बदलते सुरक्षा परिदृश्य को देखते हुए, बाल्कन राष्ट्र क्रोएशिया ने एक ऐतिहासिक और रणनीतिक फैसला लिया है। क्रोएशियाई सरकार ने घोषणा की है कि वह 17 वर्षों के अंतराल के बाद देश में अनिवार्य सैन्य सेवा को फिर से लागू करने जा रही है। यह व्यवस्था शीघ्र ही प्रभावी होने वाली है।

क्रोएशिया ने साल 2008 में अनिवार्य सैन्य सेवा को निलंबित कर दिया था और पूरी तरह से एक स्वयंसेवी पेशेवर सेना की ओर रुख किया था। हालांकि, यूक्रेन और रूस के बीच जारी युद्ध और बाल्कन क्षेत्र में बढ़ते क्षेत्रीय तनाव ने क्रोएशिया को अपनी रक्षा नीति पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर कर दिया है। क्रोएशिया के रक्षा मंत्री इवान अनुसिक के अनुसार, इसका मुख्य उद्देश्य देश की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करना और किसी भी आपातकालीन स्थिति के लिए युवाओं को तैयार करना है।

नई नीति के तहत, 18 से 27 वर्ष की आयु के पुरुषों के लिए सैन्य प्रशिक्षण लेना अनिवार्य होगा। यह बुनियादी प्रशिक्षण दो महीने (आठ सप्ताह) का होगा। महिलाओं के लिए सैन्य सेवा वैकल्पिक रखी गई है, यानी वे अपनी मर्जी से इसमें शामिल हो सकती हैं। जो लोग धार्मिक या नैतिक कारणों से हथियार उठाने के इच्छुक नहीं हैं, उनके लिए सिविल सेवा का विकल्प भी रखा गया है, जिसकी अवधि सैन्य प्रशिक्षण से कुछ अधिक हो सकती है।

इस दो महीने के प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को आधुनिक हथियारों का संचालन, ड्रोन तकनीक, प्राथमिक चिकित्सा और रणनीतिक युद्ध कौशल सिखाया जाएगा। इसके बदले में सरकार ने स्वयंसेवकों और अनिवार्य रंगरूटों के लिए आकर्षक वेतन (लगभग 1,100 यूरो प्रति माह) और अन्य लाभों की भी घोषणा की है। क्रोएशिया का यह कदम यूरोप के अन्य देशों जैसे लातविया और स्वीडन के समान है, जिन्होंने हाल ही में बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए अनिवार्य ड्राफ्ट को फिर से बहाल किया है।