Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Bengaluru Quarry Accident: बेंगलुरु की पत्थर खदान में बड़ा हादसा, चट्टान गिरने से बिहार के 7 मजदूरों ... Indore School News: स्कूल की जमीन पर बना मंदिर, 150 बच्चों का भविष्य एक कमरे के भरोसे; पढ़ें पूरी रिप... Ujjain Shipra Aarti: उज्जैन रामघाट पर प्रशासन की कार्रवाई, आरती स्थल से लाउडस्पीकर जब्त होने पर तीर्... MP Monsoon Alert: मध्य प्रदेश में मानसून का यू-टर्न, 48 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज और येलो अलर्ट ... Jabalpur Politics: कैलाश विजयवर्गीय के बयान के बाद जबलपुर में 'बगावत' के सुर, विवेक तन्खा ने उठाए वि... Sagar Water Supply News: सागर-मकरोनिया में टाटा प्रोजेक्ट्स की विदाई, अब नगर निगम खुद संभालेगा पानी ... Shahdol Anganwadi Recruitment 2026: शहडोल में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका पदों पर बंपर भर्ती, 13... Balaghat Fire News: राघोटोला पंप हाउस में लगी भीषण आग, 150 करोड़ की सिंचाई परियोजना को करोड़ों का नुकस... Chhatarpur News: CM मोहन यादव के विकास कार्यों की शिलापट्टिकाएं कबाड़ में मिलीं, प्रशासनिक अमले में ह... Gwalior Looteri Dulhan: शादी के 21 दिन बाद गहने लेकर भागी पत्नी, इंस्टाग्राम पर पति को दे रही 'डेथ व...

जम्मू-कश्मीर में आतंकी घुसपैठ का बड़ा खतरा: सीमा पार 70 से ज्यादा आतंकी सक्रिय, खुफिया एजेंसियों ने जारी किया ‘हाई अलर्ट’

जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकी घुसपैठ के बढ़ते खतरे को देखते हुए हाई अलर्ट जारी किया है. खुफिया रिपोर्ट के अनुसार नियंत्रण रेखा (एलओसी) और अंतरराष्ट्रीय सीमा के पार कई नए आतंकी लॉन्चिंग पैड सक्रिय किए गए हैं, जिनके जरिए आने वाले समय में घुसपैठ की कोशिशें बढ़ सकती हैं. इस खतरे को देखते हुए सेना, बीएसएफ और पुलिस ने सीमावर्ती इलाकों में निगरानी और गश्त बढ़ा दी है, जबकि भीतरी क्षेत्रों में आतंकरोधी अभियान तेज कर दिए गए हैं.

सूत्रों के मुताबिक सांबा, जम्मू, राजौरी और कुपवाड़ा सेक्टर के सामने अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा के पार सात नए लॉन्चिंग पैड सक्रिय किए गए हैं। ये पहले से मौजूद लगभग 65 लॉन्चिंग पैड के अतिरिक्त बताए जा रहे हैं। खुफिया एजेंसियों के अनुसार पिछले करीब पंद्रह दिनों के दौरान इन नए लॉन्चिंग पैड पर करीब 50 आतंकियों को लाया गया है। इसके अलावा लगभग 150 अन्य आतंकी भी अलग-अलग लॉन्चिंग पैड पर मौजूद हैं, जो अंतरराष्ट्रीय सीमा और एलओसी से लगभग 10 से 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं.

जम्मू कश्मीर की सुरक्षा स्थिति पर पड़ा असर

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि पाकिस्तान में मौजूदा समय में हालात काफी तनावपूर्ण हैं और इसका असर जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति पर पड़ सकता है. हाल के दिनों में अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ने की खबरें सामने आई हैं. इसके अलावा अफगानिस्तान की ओर से पाकिस्तान के भीतर ड्रोन हमलों की रिपोर्ट भी आई हैं, जिससे क्षेत्रीय हालात और जटिल हो गए हैं. वहीं बलूचिस्तान में भी पाकिस्तान के लिए स्थिति लगातार चुनौतीपूर्ण बनी हुई है.

सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद पाकिस्तान में कई राजनीतिक और धार्मिक संगठनों ने सरकार और सेना पर अमेरिका के खिलाफ सख्त रुख अपनाने का दबाव बढ़ा दिया है. ऐसे माहौल में पाकिस्तान अपनी आंतरिक समस्याओं से जनता का ध्यान भटकाने के लिए कश्मीर में तनाव बढ़ाने की कोशिश कर सकता है.

आतंकी लॉन्चिंग पैड दोबारा से सक्रिय

सूत्रों के अनुसार लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों ने पिछले कुछ समय से अपनी गतिविधियां सीमित कर रखी थीं, लेकिन अब ये संगठन फिर से सक्रिय होते दिखाई दे रहे हैं और कश्मीर में अपनी गतिविधियां तेज करने की तैयारी कर रहे हैं.बताया जा रहा है कि पाकिस्तानी सेना ने गुलाम जम्मू-कश्मीर में मौजूद सभी आतंकी लॉन्चिंग पैड को दोबारा सक्रिय कर दिया है. इसके साथ ही विभिन्न आतंकी संगठनों को अपने प्रशिक्षित कैडरों को लॉन्चिंग पैड पर भेजने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अवसर मिलते ही उन्हें जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ के लिए भेजा जा सके.

इसी बीच भारतीय सेना ने हाल ही में राजौरी के भींभर गली इलाके में पाकिस्तान की ओर से की जा रही घुसपैठ की एक कोशिश को नाकाम कर दिया. दो दिन पहले हुई इस घटना में सेना ने सतर्कता दिखाते हुए आतंकियों की घुसपैठ को सीमा पर ही विफल कर दिया. सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि यह घटना इस बात का संकेत है कि आने वाले दिनों में सीमा पार से घुसपैठ की कोशिशें बढ़ सकती हैं.

खुफिया एजेंसियों ने सभी सुरक्षा बलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं. सीमावर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ाने के साथ-साथ संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं. सुरक्षा एजेंसियां लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि किसी भी संभावित खतरे से समय रहते निपटा जा सके.